मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 289 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जाने वाले आदि हिमानी-चामुंडा रोपवे के लिए वन स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है। 94.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले भुंतर-बिजली महादेव रोपवे के लिए सर्वेक्षण करवा लिया गया है।
सोमवार को पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि धर्मशाला में 150 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रोपवे प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है। 340 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जाने वाले पलचान-रोहतांग रज्जू मार्ग के लिए आवश्यक हिस्सा राशि जमा कर दी गई है।
कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 153 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंडी जिले में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण कि लिए भी ओएलएस सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हवाई सेवाएं बढ़ाने की दृष्टि से छह हेलीपोर्ट्स बनाए गए हैं।
शिमला व मनाली हैलीपोर्ट्स का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 64 हैलीपैड्ज कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न भागों में 11 और हैलीपैड्ज बनाने की प्रक्रिया जारी है।
प्रदेश में चल रही सभी पर्यटन परियोजनाओं के कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश शीघ्र ही पर्यटकों का सबसे पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बन सकेगा।
उन्होंने शिमला लाइट एंड साउंड शो आरंभ करने पर भी बल दिया ताकि और अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन रामसुभग सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि विभाग पर्यटन परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए निष्ठा एवं उत्साह के साथ से कार्य करेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन मनोज कुमार, परियोजना निदेशक एडीबी परवीन गुप्ता सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।