हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के रोंग टोंग प्रोजेक्ट के पावर हाउस में सेल्यूस वॉल्व फटने से 3 इंजीनियरों की मौत सीधे प्रबंधन की लापरवाही की ओर इशारा कर रही है। सूत्रों के अनुसार 6 माह पूर्व भी वॉल्व में लीकेज हुई थी। उस समय वॉल्व खिसककर दो इंच तक बाहर आ गया था। उसे बदलने के बजाय फिर से फिट कर दिया गया। मुख्यमंत्री के दौरे के चलते बिजली बोर्ड बंद पड़े प्रोजेक्ट की दो टरबाइनों को सोमवार को शुरू करना चाहता था।
रविवार शाम को ट्रायल के दौरान जैसे ही पानी छोड़ा वॉल्व फट गया और तीन इंजीनियरों की मौत हो गई। पावर हाउस की करोड़ों की मशीनरी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। सूत्र बता रहे हैं प्रोजेक्ट को चालू करने में कई महीने लगेंगे। यही नहीं, कुछ वर्ष पूर्व भी पावर हाउस का एक वॉल्व फट गया था, उस समय पावर हाउस में मौजूद कर्मचारियों ने खिड़कियों से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई थी।