पंचायती राज विभाग में तैनात ग्राम रोजगार सेवकों ने नए साल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। बुधवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायती राज मंत्री, विभागीय सचिव और निदेशक से स्थायी नीति और स्थायी वेतन की मांगों के लेकर मिला।
संघ के अध्यक्ष भीम देव और सचिव शिवराज ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर मंत्री और विभाग के आला अधिकारियों का सकारात्मक रुख न होने के कारण उन्होंने सचिवालय में ही 1 जनवरी से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि वे शीतकालीन सत्र के दौरान भी मंत्री से मिले थे और उन्होंने हमारी मांगे पूरी करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था, जो समाप्त हो चुका है, ऐसे में ग्राम रोजगार सेवकों के पास यही रास्ता बचता है।
संघ के सचिव शिव राज ने बताया कि स्थायी नीति और स्थायी वेतन को लेकर संबंधित मंत्री और अधिकारी आश्वासन पर आश्वासन दे रहे हैं, जबकि हकीकत में कुछ भी नहीं हो रहा है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों के एजेंडे और मांगों पर फैसला लेने के लिए साल भर पहले विभाग के पूर्व निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया।
कमेटी ने ग्राम रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष और सचिव के साथ बैठक करने और राय जानने के बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपी, जो हमारे पक्ष में थी। लेकिन कमेटी की सिफारिशों को आज दिन तक लागू नहीं किया गया।