जिला परिषद शिमला की त्रैमासिक बैठक में मनरेगा के तहत 13वें वित्तायोग में 88 लाख 74 हजार की अनुदान राशि पारित की गई। परिषद के अध्यक्ष चंद्रेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिला परिषद की बैठक में जिप और पंचायत समिति के सदस्यों ने 112 विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
52 मुद्दों का निपटारा किया गया। बैठक में बंदरों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान और उनकी जनसंख्या को नियंत्रित करने पर भी विस्तार से चर्चा की। इस मामले को प्रदेश सरकार के स्तर पर उठाने का फैसला लिया गया।
बैठक में नए लट्ठे बनाए जाने, नेरवा में उपतहसील भवन निर्माण, स्कूलों के भवन निर्माण, गुज्जर बस्तियों को कब्रिस्तान की भूमि आवंटित करने, ठियोग में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग का मंडल तथा मिनी सचिवालय खोलने, विभिन्न सडकों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में डालने, विद्युत विभाग में रिक्त पदों को भरने के मुद्दे भी उठाए गए।
इसके अलावा बैठक में चौपाल और दूरदराज के अन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त बसें चलाने, कुपवी सब तहसील और झिकनी पुल में गैस एजेंसी खोलने, कोल्ड स्टोर खोलने, विभिन्न क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, कोटखाई में अग्निशमन केंद्र खोलने, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग में रिक्त पड़े पदों को भरने समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही कई समस्याओं को भी बैठक में उठाया गया। बैठक में गत त्रैमासिक आयव्यय को पारित करने के साथ 13वें वित्तायोग के तहत प्राप्त अनुदान राशि पर भी चर्चा की गई।