रोहतांग जाने वाले टैक्सी ऑपरेटरों और निजी वाहन चालकों से फिलहाल पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस मामले में फैसला अगली सुनवाई तीन जुलाई तक सुरक्षित रखा है। तब तक एनजीटी का पुराना फैसला यथावत ही रहेगा।
अब तय तिथि तक टैक्सी ऑपरेटरों को प्रति चक्कर एक हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक शुल्क नहीं देना पड़ेगा। उधर, हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन की ओर से प्रतिदिन रोहतांग जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ाने को लेकर दी गई अर्जी पर भी तीन जुलाई को ही कोई निर्णय होगा। फिलहाल रोजाना एक हजार वाहन ही रोहतांग जाएंगे।