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Shimla News: चमियाना अस्पताल में अगले महीने से शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी

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युरोलॉजी विभाग से होगी शुरूवात, डॉक्टरों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना में अगले महीने से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाएगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले यूरोलॉजी विभाग से की जा रही है, जहां गुर्दे की पथरी समेत अन्य जटिल बीमारियों का आधुनिक और सटीक इलाज संभव हो सकेगा।
फिलहाल, इस तकनीक को संचालित करने के लिए संस्थान के चयनित डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोबोटिक सर्जरी में विशेष कुशलता की आवश्यकता होती है, जिसके लिए डॉक्टरों को ट्रेनिंग दिलवाई जा रही है। हिमाचल में इस तरह की तकनीक पहली बार उपयोग में लाई जा रही है। 28 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए इस सर्जिकल रोबोट को अस्पताल परिसर में इंस्टॉल किया जा चुका है। इसके सॉफ्टवेयर और संचालन प्रणाली की टेस्टिंग भी चल रही है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि अगले महीने तक सभी तैयारियां पूरी करने का प्रयास किया जाएगा और इसके बाद नियमित तौर पर रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत कर दी जाएगी।
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इससे बाहर के बड़े शहरों में जाकर इलाज करवाने की आवश्यकता नहीं रहेगी और राज्य के भीतर ही अत्याधुनिक चिकित्सा उपलब्ध होगी। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला जैसे संस्थानों में भी इस तकनीक को लागू किया जाए। फिलहाल, चमियाना इसका पहला केंद्र बनेगा।

सटीक, सुरक्षित और कम दर्दनाक होगी सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सटीक, सुरक्षित और कम दर्दनाक होती है। इसमें सर्जन एक कंसोल के जरिये रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित करता है, जो बहुत ही सूक्ष्म और सटीक हरकतें कर सकते हैं। इससे टिश्यू डैमेज कम होता है और महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान नहीं पहुंचता।
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इस तकनीक से चीरे का आकार छोटा होता है, जिससे खून कम बहता है, संक्रमण का खतरा घटता है, और मरीज जल्दी ठीक होता है। रोगी को अस्पताल में कम समय रुकना पड़ता है और काम पर लौटने की अवधि भी कम होती है। रोबोटिक सिस्टम 3डी और हाई-डेफिनिशन इमेज देता है जिससे डॉक्टर को ऑपरेशन क्षेत्र का बेहतर दृश्य मिलता है। जिन सर्जरी में बारीकी और निरंतर स्थिरता चाहिए, जैसे प्रोस्टेट, किडनी या स्तन कैंसर सर्जरी, उनमें यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है।
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