हिमाचल में पहली बार अब बच्चे रोबोट से स्कूल में पढ़ाई करेंगे। बच्चे क्लास में सवाल पूछेंगे और रोबोट झटपट उसके सही-सही जवाब दे देगा। ऐसा होगा शिमला जिला के हिमालयन पब्लिक स्कूल रोहड़ू में। भारत सरकार के नीति आयोग के सहयोग से स्कूल में एक रोबोटिक प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है।
इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। पहली किस्त के रूप में 12 लाख रुपये भी मिल चुके हैं। करीब डेढ़ माह में लैब बनकर तैयार हो जाएगी। रोबोट से बच्चों को शिक्षा देने के लिए ट्रेनर भी भारत सरकार की ओर से ही स्कूल में तैनात किए जाएंगे।
स्कूल के चेयरमैन दिनेश शर्मा ने बताया कि पहली बार रोबोट के सहयोग से पढ़ाई शुरू की जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर इस तकनीक को शुरू किया जा रहा है। आगामी दिनों में इस बात पर मंथन किया जाएगा कि बच्चे इस तकनीक से कितना सीखते हैं।
अगर यह तकनीक कारगर रही तो स्कूल की सभी कक्षाओं को रोबोटिक तकनीक से लैस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोबोटिक प्रयोगशाला बन रही है। प्रयोगशाला के खुलने से बच्चों की पढ़ाई दिलचस्प एवं आसान होगी। नई शिक्षा तकनीक को लेकर स्कूल के छात्र एवं शिक्षा भी उत्साहित हैं।