हिमाचल प्रदेश में बढ़ती बिटुमन कीमतों ने लोक निर्माण विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश में टारिंग सीजन शुरू होने के बावजूद सड़कों पर टारिंग कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। हालात यह हैं कि कई सड़क परियोजनाओं के लिए ठेकेदार टेंडर लेने में भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बिटुमन के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण ठेकेदारों को लागत और भुगतान के बीच भारी अंतर पड़ रहा है, जिससे वे नए कार्य लेने से बच रहे हैं। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 82 रुपये किलो बिटुमन हो गया है जबकि बीते साल इसके दाम 42 रुपये थे। प्रदेश में हर वर्ष गर्मियों के दौरान बड़े स्तर पर सड़कों की टारिंग और मरम्मत का कार्य किया जाता है, लेकिन इस बार महंगे बिटुमन ने पूरे सीजन को प्रभावित कर दिया है।