पेयजल लाइन बिछाने के लिए सड़क की खोदाई के बाद खराब थी दो किलोमीटर एनएच की हालत धूल-मिट्टी और गड्ढों से परेशान थे सैकड़ों लोग अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला की 24 घंटे पेयजल आपूर्ति योजना के लिए ढली में करीब दो किलोमीटर सड़क की खोदाई के बाद अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एनएच विंग ने मरम्मत और टारिंग का काम शुरू कर दिया है।
शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) ने पाइपलाइन बिछाने के लिए एनएचएआई से अनुमति ली थी। काम पूरा होने के बाद करीब एक माह से सड़क की टारिंग नहीं हुई थी। इसके चलते बारिश के दौरान कीचड़ और मौसम खुलने पर धूल-मिट्टी से सैकड़ों क्षेत्रवासी और वाहन चालक परेशान हो रहे थे। अब टारिंग का काम शुरू होने से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। एसजेपीएनएल की ओर से जारी किए 51 लाख रुपये से ही खोदाई वाले हिस्से पर टारिंग की जा रही है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
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सहायक अभियंता एनएच विंग ठियोग कमल धीरटा ने बताया कि नेशनल हाईवे के इस दो किलोमीटर हिस्से में टारिंग का काम शुरू कर दिया है और मशोबरा बाइफरकेशन तक टारिंग का काम पूरा कर लिया है। आने वाले दो से तीन दिनों में एनएच के इस हिस्से में टारिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इससे वाहन चालकों और आम लोगों को धूल और गड्ढों से राहत मिलेगी।
एसजेपीएनएल को दोबारा भेजा एस्टीमेट
लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग ठियोग की ओर से ढली में पेयजल लाइन बिछाने के कारण हुई सड़क की खोदाई की एवज में मरम्मत और टारिंग कार्य के लिए 29 सितंबर को शेष बची 1,06,72,930 रुपये (लगभग 1.07 करोड़ रुपये) की राशि का रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा है। विभाग ने एसजेपीएनएल से यह राशि जल्द जारी करने को कहा है। राशि मिलने के बाद सड़क का बेहतर रखरखाव किया जाएगा।
कोटरात के समय तापमान कम होने के कारण टारिंग के अनुकूल स्थिति नहीं होने के चलते दिन में काम किया जा रहा है। इस दौरान वाहनों को 15 से 20 मिनट तक वन-वे व्यवस्था के तहत रोककर टारिंग की जा रही है। -दिवेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग एनएच विंग, ठियोग