समदो-काजा-ग्राम्फू सड़क(फाइल फोटो)
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चीन सीमा से सटी सामरिक महत्व की समदो-काजा-ग्राम्फू सड़क का जिम्मा केंद्र सरकार ने सीमा सड़े संगठन (बीआरओ) से लेकर हिमाचल सरकार को सौंप दिया है। 205 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर अब लोक निर्माण विभाग टारिंग करेगा। पहले यह कार्य बीआरओ के पास था, लेकिन देरी के चलते अब केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय ने इसे प्रदेश सरकार को सौंप दिया है।
केंद्र ने 15 दिन के भीतर काम के खर्च का एस्टिमेट मांगा है, ताकि टारिंग और मेटलिंग की जा सके। इस सड़क को डबललेन करने की भी तैयारी है। सामरिक दृष्टि से यह सड़क बहुत महत्वपूर्ण है। इसी सड़क से जवान सीमा तक असलाह ले जाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार इस कार्य को जल्द पूरा करना चाहती है। सड़क पर साढे़ 5 मीटर चौड़ी टारिंग होनी है। इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
केंद्र सरकार ट्राइबल सब प्लान से इस सड़क के लिए पैसा जारी करेगी। इस कार्य के साथ-साथ 3 महीने के भीतर सड़क को डबललेन करने की डीपीआर भी तैयार होगी। इसी बीच फॉरेस्ट क्लियरेंस आदि औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। इसमें कुंजुम दर्रे पर 15 किलोमीटर टनल बनेगी, क्योंकि यहां 6 महीने बर्फ रहती है। टनल बनने से 12 महीने सड़क खुली रहेगी। काजा के अलावा दो बाईपास भी बनेंगे।
पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण
सामरिक दृष्टि के साथ-साथ यह सड़क पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण होगी। देश-विदेश के सैलानी यहां खिंचे चले आएंगे। सैलानियों के लिए सड़क टूरिस्ट स्थल भी चयनित किए जाएंगे।