बाग गांव की 60 वर्षीय महिला जैनो देवी की अचानक तबीयत खराब हो गई। बुजुर्ग महिला को बांस के डंडे पर कपड़े से बांध कर और कंधों पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया गया।
शिलाई विधानसभा क्षेत्र की भजोन पंचायत के बाग आबड़ा गांव के ग्रामीण 2013 में श्री रेणुका जी मेले में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिले थे। तत्कालीन सीएम ने मंच से बाग आबड़ा गांव के लिए सड़क बनाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी है।
बाग आबड़ा गांव के दीपराम शर्मा, राजेंद्र सिंह, तोताराम, गंगाराम, सहीराम और जगतराम आदि ने बताया कि 70 साल बाद भी गांव के लिए सड़क नहीं बनी है। सड़क न होने से बीमार मरीज को कंधे पर उठाकर 6 किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बाग आबड़ा, बड़ता, टिकरालोहा, धनियोबगोग आदि गांवों में 90 परिवारों की करीब 600 की आबादी है। उधर, शिलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बाग आबड़ा सड़क बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों से बात की जाएगी। इस मार्ग की कार्य योजना की जानकारी ली जाएगी, जिससे सड़क गांव तक पहुंच सके।