एक माह तक सूबे की 2200 किलोमीटर सड़कों पर तारकोल बिछाने का काम नहीं होगा। इस दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को टेंडर से लेकर अन्य कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया गया है।
सात मई को मतदान के बाद ही सड़कों पर तारकोल का काम होगा। हालांकि, बड़े गड्ढों का पैच वर्क की निर्वाचन आयोग से छूट मिल गई है। लोक निर्माण विभाग ने 2200 किलोमीटर सड़कों पर टारिंग, मेटलिंग का काम कराने को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुमति मांगी थी।
इस मामले को प्रदेश की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया था, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिशा-निर्देश मिल चुके हैं। इसके तहत अगले एक माह में लोक निर्माण विभाग केवल टेंडर करने से लेकर अवार्ड करने तक की प्रक्रिया को पूरा करेगा।
सात मई को प्रदेश में लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद ही टारिंग और मेटलिंग का कार्य करवाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने बताया कि सड़क बनाने के मामले में लोक निर्माण विभाग को थोड़ी सहूलियत दी गई। वैसे आचार संहिता 28 मई को खत्म होगी, लेकिन हिमाचल में चुनाव समाप्त हो जाएगा।
ऐसे में सड़कों पर काम कराने में कोई दिक्कत नहीं है। इस बीच पैचवर्क का काम विभाग करवा सकता है। दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग शिमला जोन के मुख्य अभियंता एमएस ठाकुर का कहना है कि आयोग के जो भी निर्देश हैं, उनका अनुपालन किया जाएगा।