हिमाचल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन से नेशनल हाईवे समेत छोटी-बड़ी दर्जनों सड़कें बंद हैं। कुल्लू में औट-बंजार-सैंज एनएच पर चार हफ्ते से बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है।
ऊना जिले में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं जबकि खेत-खलिहान पानी से लबालब हैं। मक्की की फसल पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। बंगाणा, अंब, चिंतपूर्णी सहित कई जगहों में ल्हासे गिरने से संपर्क मार्ग अवरुद्ध हैं।
चंबा के तीसा इलाके में शनिवार रात चंबा-चांजु मार्ग बंद हो गया जबकि भरमौर उपमंडल में हवाई उड़ानें नहीं हो पाईं। हैलीटैक्सी से गौरीकुंड की तरफ कूच करने वाले मणिमहेश यात्रियों को मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ा।
सोलन में परवाणू-शिमला नेशनल हाईवे पर फोरलेन निर्माण की वजह से कमजोर हुए पहाड़ बारिश के चलते जमींदोज हो रहे हैं। शनिवार रात धर्मपुर से परवाणू के बीच कई जगह भूस्खलन हुआ है।
सड़क पर मिट्टी पूरी तरह से दलदल में बदल गई है। उदयपुर केलांग मार्ग भी तीन घंटे बंद रहा। पहाड़ों से पत्थर गिरने की वजह से एचआरटीसी की बसों समेत अन्य वाहन फंस गए।
शिमला में लुढ़का तापमान, कल भी बारिश के आसार
राजधानी शिमला में रविवार को हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मैदानी क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी से राहत पाने हिल्सक्वीन घूमने आए पर्यटकों ने रविवार को बारिश के बाद सुहावने मौसम का लुत्फ उठाया।
दोपहर होते ही शहर में पर्यटकों का जमावड़ा लग गया। रविवार को शिमला में अधिकतम तापमान 22.6, धर्मशाला में 28.6, ऊना में 28.6, सोलन में 25.0, नाहन में 27.4, कांगड़ा में 28.0, सुंदरनगर में 28.0, भुंतर में 24.2, कल्पा में 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बारिश के आसार, कल राहत की उम्मीद
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में सोमवार तक भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 21 अगस्त तक प्रदेश में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। पहले यह चेतावनी 25 अगस्त तक थी लेकिन विभाग का दावा है कि मंगलवार से लोगों को राहत मिल सकती है।