बीमा कंपनियों को 30 दिन के भीतर अदायगी करने के आदेश
ढली और बिलासपुर सदर थाने के मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को 1.26 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया है।
जिला एवं सत्र न्यायालय (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्युनल) ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिवादी न्यू इंडिया एश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस बीमा कंपनी को 30 दिन के भीतर याचिका दायर करने की तारीख से प्रति वर्ष नौ फीसदी के ब्याज के साथ दावेदारों को भुगतान करने का भी आदेश दिया है। एमएसीटी ने दायर दो याचिकाओं में फैसला सुनाते हुए दुर्घटना के पीड़ितों को कुल 1,26,51,724 रुपये देने के आदेश जारी किए है। इसमें कांगड़ा निवासी संजय शर्मा को 71,94,712 तथा महाराष्ट्र निवासी मेघा कुलकर्णी को 54,57,012 लाख की राशि देने के आदेश दिए हैं।
दरअसल 28 फरवरी 2022 को एनएच-05 पर कुफरी के नजदीक ग्रीन वैली में सड़क दुर्घटना हुई थी। ट्रक की टक्कर से मेघा कुलकर्णी पत्नी प्रमोद बग्गोली 101 निर्वाण होम्स, रावेट, पुणे निवासी चोटिल हुई थी। पेशे से मेघा पुणे में एक कंपनी में एसोसिएट कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं और शिमला घूमने आई थीं। दूसरे मामले में 18 मई 2014 को कांगड़ा-शिमला सड़क पर कार दुर्घटना में संजय शर्मा पुत्र जगन नाथ तहसील बैजनाथ निवासी को चोटें आई थीं। वह सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। हादसे के समय कार में घाघस से शिमला लेकर आ रहा थे और मकरोग के निकट कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे के बाद दुर्घटना के पीड़ितों ने एमएसीटी न्यायालय में उचित मुआवजे को लेकर याचिका दाखिल की थी। प्रतिवादियों को अदालत के समक्ष दावेदारों को मुआवजा राशि जमा करवाने का फैसला सुनाया है।