हिमाचल प्रदेश समेत चार प्रदेशों के 15 युवा राफ्टिंग की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें वाटर स्वीमिंग, कायकिंग, कनोइंग, रिवर राफ्टिंग और रेस्क्यू जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
देश के युवा जिला कुल्लू में ब्यास की लहरों पर रिवर राफ्टिंग के करतब सीख रहे हैं। ब्यास नदी की जलधारा में उतरकर युवाओं को राहत और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। देश के एकमात्र रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण संस्थान पिरड़ी (कुल्लू) में अभी पांच जून तक प्रशिक्षण शिविर चलेगा। शिविर में हिमाचल प्रदेश समेत चार प्रदेशों के 15 युवा राफ्टिंग की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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इनमें वाटर स्वीमिंग, कायकिंग, कनोइंग, रिवर राफ्टिंग और रेस्क्यू जैसी गतिविधियां शामिल हैं। रविवार को भी युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण संस्थान के अनुदेशक गिमिनर सिंह ने कहा कि युवाओं को यह प्रशिक्षण अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली तथा राफ्टिंग सेंटर पिरड़ी के संयुक्त सहयोग से दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रिवर राफ्टिंग का प्रशिक्षण लेने के लिए हिमाचल के दस, आंध्र प्रदेश और पंजाब के दो-दो और उत्तराखंड के एक युवा ने पंजीकरण करवाया है। इन 15 प्रतिभागियों में युवक और युवतियां शामिल हैं। कौशल विकास निगम के जिला समन्वयक सुनील कुमार ने कहा कि निगम एवं अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान ने साहसिक जल क्रीड़ा के क्षेत्र में एमओयू साइन किया है। इसके तहत युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी समझौते के आधार पर पांच जून तक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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प्रशिक्षण पाकर स्वरोजगार अपना सकेंगे युवा
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली के निदेशक अविनाश नेगी ने कहा कि साहसिक पर्यटन की गतिविधियों में प्रशिक्षण पाकर युवक-युवतियां स्वयं को सक्षम बना सकते हैं। साहसिक गतिविधियों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में देश व प्रदेश के युवा प्रशिक्षण पाकर स्वरोजगार अपना सकेंगे।