चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू की दखलअंदाजी को लेकर इन नेताओं में नाराजगी बढ़ी है। प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह के बिना इस बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। पूर्व के चुनावों में वीरभद्र सिंह की ही एकमात्र तूती बोलती थी। अब प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के संकट से जूझ रही है। शिमला, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और चंबा जिला के बड़े कांग्रेस नेता खुद को अगले सीएम के तौर पर देख रहे हैं।
ऐसे में चुनाव के लिए अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में भी अपने-अपने समर्थकों को प्रत्याशी बनाने के लिए कई नेताओं के बीच कहासुनी हुई। इससे पहले सितंबर में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में भी प्रत्याशी तय करने को लेकर नेताओं में शब्दबाण चले थे।
सुक्खू गुट के नेता भी अपना पक्ष सोनिया गांधी के समक्ष रखने की तैयारी में है। शनिवार को नई दिल्ली में प्रतिभा और सुक्खू गुट के समर्थक नेताओं ने अलग-अलग बैठकें कर आगामी रणनीति तैयार की। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी अभी कर्नाटक गई हैं। उनके दिल्ली लौटने के बाद दोनों पक्ष केंद्रीय चुनाव कमेटी की बैठक से पहले उनसे मिलने की योजना बनाने में जुटे हैं।