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Shimla News: एनईपी का संशोधित पाठ्यक्रम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा

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एचपीयू ने शुरू की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी, अगले सत्र में 350 कॉलेजों में लागू होगा पाठ्यक्रम
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के तहत तैयार किए सभी संशोधित पाठ्यक्रम, नए नियम और परीक्षा ढांचे को अंतिम रूप देकर राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेज दिया है।

विश्वविद्यालय की स्थायी समिति के अनुमोदित इन बदलावों को अब सरकार से अंतिम स्वीकृति मिलनी बाकी है। उच्च शिक्षा विभाग की अनुमति मिलते ही प्रदेश में एचपीयू के तहत संचालित 350 से अधिक महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों में नई शिक्षा नीति लागू कर दी जाएगी। इसमें सरकारी, निजी, स्नातक, स्नातकोत्तर, व्यावसायिक और शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं। इन कॉलेजों में हर साल लाखों छात्र पढ़ते हैं। नई नीति लागू होने के बाद इन सभी छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा प्रणाली, इंटर्नशिप और शोध कार्य नई व्यवस्था के तहत चलेंगे। यह पहली बार है जब हिमाचल में संपूर्ण स्नातक शिक्षा को एक साथ नई प्रणाली के अनुसार बदला जा रहा है।
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नई नीति में सबसे बड़ा बदलाव इंटर्नशिप और शोध कार्य को अनिवार्य बनाना है। संशोधित सिलेबस के अनुसार हर छात्र को 120 घंटे की इंटर्नशिप करनी होगी जिसमें उन्हें सरकारी विभागों, उद्योगों, निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों में वास्तविक कार्य का अनुभव दिया जाएगा। इंटर्नशिप का मूल्यांकन रिपोर्ट, प्रस्तुति और वाइवा के आधार पर होगा। इसके साथ ही अंतिम वर्ष में 360 घंटे का शोध कार्य अनिवार्य किया है। इसमें शोध-प्रस्ताव, शोध-प्रबंध, प्रस्तुति और वाइवा को अलग-अलग घटकों के रूप में आंका जाएगा जिसके लिए तीन सदस्यीय मूल्यांकन समिति बनाई जाएगी। फील्ड-आधारित प्रोजेक्ट और सामुदायिक कार्यक्रम भी अब अनिवार्य होंगे। छात्रों को 120 घंटे का फील्ड प्रोजेक्ट करना होगा जिसमें सर्वेक्षण, क्षेत्रीय अध्ययन और विश्लेषण शामिल रहेगा। इसके अतिरिक्त 120 घंटे का सामुदायिक कार्यक्रम भी अनिवार्य किया है। ऑनलाइन शिक्षण के लिए भी नई व्यवस्था बनाई है। छात्र अब 40 प्रतिशत तक क्रेडिट एमओओसी या स्वयं जैसे ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से कमा सकेंगे। हालांकि यह आवश्यक होगा कि ऑनलाइन कोर्स का 60 से 75 प्रतिशत हिस्सा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से मेल खाए।



परीक्षा प्रणाली में होगा बदलाव
नई शिक्षा नीति में परीक्षा प्रणाली में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होगा जिसमें 30 अंक आंतरिक मूल्यांकन और 70 अंक अंतिम परीक्षा के होंगे। आंतरिक मूल्यांकन में हाजिरी, असाइनमेंट, प्रस्तुति और टेस्ट शामिल रहेंगे। प्रश्नपत्र निश्चित ढांचे के अनुसार तैयार होंगे ताकि परीक्षा अधिक पारदर्शी और संतुलित बन सके।
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कोट
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ज्ञान सिंह नेगी ने बताया कि सरकार से स्वीकृति मिलते ही सभी कॉलेजों को नए पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश भेज दिए जाएंगे। इसके बाद हिमाचल उच्च शिक्षा एनईपी के तहत एक नए स्वरूप में प्रवेश कर जाएगी।
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