पार्षद आशा शर्मा ने आपूर्ति सही करने की उठाई मांग संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के पटयोग वार्ड में पानी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। तीसरे दिन भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहां अधिकांश घर पानी की एक बूंद को तरस रहे हैं, वहीं कुछ जगहों पर पानी की टंकियां ओवरफ्लो हो रही हैं।
शिमला जल प्रबंध निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) का दावा है कि शहर में 44 एमएलडी पानी की आपूर्ति हुई है। लेकिन लोग पूछ रहे हैं कि इतना पानी आखिर जा कहां रहा है। पटयोग की पार्षद आशा शर्मा ने सवाल उठाते हुए पानी वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कंपनी को जानकारी लेनी चाहिए कि आपूर्ति सही क्यों नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि बीते दिनों हुई बैठक के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की है कि लोगों को जल्द पानी मुहैया करवाया जाए।
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दफ्तर की हालत खस्ता
संजौली स्थित एसजेपीएनएल का कार्यालय इन दिनों खराब स्थिति में है। भवन के अंदर लगातार सीलन के कारण कमरों का वातावरण बेहद असुविधाजनक बन गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वह पानी की समस्याएं लेकर दफ्तर पहुंचते हैं, तो उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। दफ्तर की हालत देखकर लोगों ने तंज कसा कि पानी की व्यवस्था संभालने वाला विभाग खुद ही पानी की मार झेल रहा है। इससे कर्मचारी भी परेशान हैं।
रात की शिफ्ट में होगा काम
एसजेपीएनएल के एजीएम बसंत राठौर पदभार संभालने के बाद बुधवार को फील्ड में उतरे। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की जांच की और प्रेशर जांचा। इस दौरान मशोबरा और भट्ठाकुफर में चल रहे सतलुज पेयजल योजना के कार्य का जायजा भी लिया। शहर में लोगों को 24 घंटे पानी उपलब्ध हो सके, इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह इन दिनों चल रहे कार्य को जल्द पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं। आने वाले दिनों में नाइट शिफ्ट में भी काम किया जाएगा।
आपूर्ति बढ़ी, पेयजल किल्लत से मिलेगी राहत
शहरवासियों को जल्द ही पेयजल किल्लत से राहत मिल सकती है। पेयजल कंपनी ने संजौली के बाद अब छोटा शिमला जोन के ज्यादातर इलाकों में भी रोज पानी की आपूर्ति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को भी इस जोन के खलीनी वार्ड को छोड़कर ज्यादातर इलाकों में पानी की आपूर्ति दे दी है। कंपनी का कहना है कि परियोजनाओं से आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। हालांकि चौड़ा मैदान और सेंट्रल जोन के लोगों को अभी रोज पानी के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।