सूबे के पंडोह, कोलडैम, पौंग बांध, चमेरा, भाखड़ा बांध सहित अन्य डैमों और झीलों में पर्यटकों को लुभाने वाली ऐसी गतिविधियां जल्द शुरू होंगी। अभी तक सरकार प्रदेश में साल 2002 से सिर्फ रिवर राफ्टिंग ही शुरू करवा पाई है।
पानी के ऊपर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर मिलेंगे। लोग हिमाचल में भी पानी के अंदर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर रोजगार चला सकेंगे। प्रदेश की ओर पर्यटकों का रुझान भी बढ़ेगा। इससे प्रदेश सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा।
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के डायरेक्टर अश्वनी कुमार का कहना है कि सरकार को पानी में होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए संस्थान की ओर से नियम बनाकर भेजे गए हैं। इन नियमों पर सरकार का कानूनी विंग काम कर रहा है। यहां से पास होने के बाद नियम अंतिम मुहर के लिए कैबिनेट में जाएंगे।