फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोस्टर जारी, अब 5 साल नहीं होगा मेयर का कार्यकाल

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला और धर्मशाला नगर निगम के मेयर पद के लिए आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। नगर निगम का कार्यकाल पांच साल ही रहेगा, लेकिन अब मेयर ढाई-ढाई साल के लिए चुना जाएगा। आरक्षण रोस्टर के तहत पार्षद इनका चयन करेंगे। डिप्टी मेयर का कार्यकाल भी ढाई साल ही रहेगा, हालांकि इस पद पर रोस्टर लागू नहीं होगा।
विज्ञापन


बता दें कि धर्मशाला में इसी वर्ष और शिमला में नगर निगम के चुनाव 2017 में होने हैं। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक नगर निगम के मेयर का पद प्रथम ढाई साल के लिए अनुसूचित जाति जबकि आगामी ढाई साल के लिए अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहेगा।

आगामी पांच वर्षों के कार्यकाल में पहले ढाई साल सामान्य श्रेणी के लिए जबकि उसके बाद यह सीट महिला के लिए आरक्षित होगी। अगर नगर निगम में कुल जनसंख्या से 15 फीसदी कम वोटर हैं वहां सीट उस श्रेणी के लिए आरक्षित नहीं होगी। ऐसी स्थिति में यह विकल्प समस्त श्रेणियों के लिए खुला रहेगा। नगर निगम का यह रोस्टर दस साल तक लागू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पार्टी सिंबल पर नहीं होंगे चुनाव

नगर निगम में चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं होंगे। वार्डों में पार्षदों का चुनाव होगा। चुने हुए पार्षद वोट कास्ट करके मेयर और डिप्टी मेयर चुनेंगे। इस बार नगर निगम शिमला में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव पार्टी सिंबल पर हुआ था। शिमला में मेयर और डिप्टी मेयर माकपा के चुने गए हैं। मेयर, डिप्टी मेयर के चुनाव में शहरी विकास विभाग के निदेशक की अहम भूमिका रहेगी।

निदेशक की अध्यक्षता में पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर के चयन के लिए वोट कास्ट करेंगे। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि नगर निगम का रोस्टर जारी कर दिया है। नगर निगम के संशोधित एक्ट को विधानसभा में मंजूरी मिल चुकी है। कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र में इसे लागू करने की बात कही गई थी, इसके चलते इसे लागू कर दिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें