अध्ययन में इस तरह की बातें सामने आईं
कुछ गर्भवती महिलाओं ने कहा कि उन्हें अकेले रहना अच्छा लगता है। कभी-कभी वह बहुत उदास महसूस करती हैं। कुछ ने कहा कि उन्हें घर में रहना पसंद नहीं है। कुछ का कहना था कि वह सोचती हैं कि इस दुनिया में सब कुछ बेकार है और वह केवल शांति चाहती हैं। अगर उन्हें अपने परिवार में शांति नहीं मिलती है तो वह दूसरी जगह चली जाती हैं, जहां वह बेहतर हो सकती हैं। घर पर बहुत तनाव का सामना करना पड़ता है। उन्हें नहीं पता होता कि इसे कैसे संभालना है। कुछ ने बहुत ज्यादा नकारात्मक सोचना, बहुत ज्यादा सोचना जैसे लक्षण भी बताए।
कई महिलाओं ने शादी या बच्चे के जन्म के बाद घर में जाने पर परिवार में सामंजस्य बिठाने की चुनौतियों और ससुराल वालों के साथ कठिन रिश्तों का वर्णन किया। कई महिलाओं ने लड़का पैदा करने के सामाजिक दबाव के बारे में बात की और बताया कि यह कैसे परेशानी का कारण है। लड़का पैदा करने का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। एक महिला ने बताया कि उसका एक साल का बच्चा है और उसे घर का काम करना पड़ता है। अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना पड़ता है, जो गुस्से वाला है और साथ ही कुछ पारिवारिक समस्याएं भी हैं।