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हमीरपुर: लसोड़े को नुकसान पहुंचाने वाला कीट पहचाना, निपटने के लिए शोध शुरू

Mon, 21 Nov 2022 10:44 AM IST
अरविन्द ठाकुर पंकज राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रंगस (हमीरपुर)

सार

लसोड़ा एक बहुउद्देशीय पौधा है और लंबे अरसे से सीधे तौर पर स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। यह गुच्छों में फल देता है, जिसका पारंपरिक सब्जी और आचार के रूप मे उपयोग किया जाता है।
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लसोड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लसोड़े को नुकसान पहुंचाने वाले कीट का पता लगा लिया गया है। अब इस कीट से निपटने के लिए कारगर उपायों पर काम चल रहा है। सूबे में पहली बार लसोड़े के कीट के प्रबंधन और नियंत्रण पर कीट विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने अध्ययन शुरू किया है। जिसमें कुछ हद तक शोधकर्ताओं ने सफलता हासिल कर ली है। उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी के कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र राणा ने कहा कि लसोड़े के कीट के प्रबंधन और नियंत्रण पर डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में प्रदेश में पहली बार शोध कार्य शुरू हुआ है।

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जिसमें शीघ्र ही पूर्ण रूप से सफलता हासिल होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस कीट के सीजन कॉल का पता लगा लिया है और अब इसके जीवन चक्र के साथ इसके ऊपर कैसे नियंत्रण पाया जा सके इस पर शोध कार्य चल रहा है। कीट विज्ञान विषय में एमएससी अंतिम वर्ष की छात्रा सिमरन कौशल इस पर गहन अध्ययन कर रही हैं। 

लसोड़ा एक बहुउद्देशीय पौधा है और लंबे अरसे से सीधे तौर पर स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। यह गुच्छों में फल देता है, जिसका पारंपरिक सब्जी और आचार के रूप मे उपयोग किया जाता है। मूत्र संक्रमण और फेफड़ों की बीमारी का इलाज करने में इसके फलों का उपयोग किया जाता है।
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ऐसे नुकसान पहुंचाता है यह कीट
यह कीट मई, जून में इस पौधे पर फूल आने के समय में इसके फूल पर पहले अंडे छोड़ता है और बाद में इसका लारबा बनता है और तीसरी स्टेज में प्यूपा बनने के उपरांत अपनी चौथी अवस्था में यह व्यस्क कीट का रूप धारण कर लेता है। इसकी चारों अवस्थाएं फल के बीज यानी गिरी के अंदर ही विकसित होती हैं। फिर इस कीट के व्यस्क होने पर यह फल की गुठली को छेद करके बाहर निकलता है और फिर फल को भी काटकर छेद कर देता है। जिससे पेड़ में लगे सभी फल दागी होने पर खराब हो जाते हैं। 

महाविद्यालय के वैज्ञानिक और उनके सानिध्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र शोध कार्यों में रुचि दिखा रहे हैं। कीट विज्ञान विषय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की निगरानी में अध्ययन पर इसमें यह विशेषता सामने आई है कि यह केवल एक ही फल के ऊपर हमला करता है। - डॉ. सोमदेव शर्मा, अधिष्ठाता, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी हमीरपुर।

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