प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलसचिव के आईआईएचएस में कार्यरत शोध अधिकारी को विवि प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। विवि प्रशासन ने अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद जवाब संतोषजनक न मिलने पर यह कार्रवाई की गई बताई जा रही है। दूसरी तरफ शोध अधिकारी ने इस निलंबन को गलत करार देते हुए इसे साजिश बताया है। शोध अधिकारी कुलदीप का आरोप है कि कुलसचिव ने द्वेष भावना से यह फैसला लिया है। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीते दिन उनकी गाड़ी जिसे उनका दोस्त चला रहा था कुलपति की गाड़ी से टकरा गई थी। इसलिए उन्हें इस पद से हटाया जा रहा है। शोध अधिकारी ने मंगलवार को एसपी शिमला को शिकायत पत्र भी सौंपा। इसमें उन्होंने उन्हें जाति सूचक शब्द से पुकारने के आरोप लगाए हैं। शोध अधिकारी ने इसमें कुलसचिव के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। यदि मामला दर्ज हुआ तो कुलसचिव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
शोध अधिकारी आईआईएचएस कुलपदीप का कहना है कि 20 सितंबर शाम को छह बजे परिसर में उसकी गाड़ी जिसे उनका दोस्त चला रहा था अचानक कु लपति की गाड़ी से टकरा गई थी। हालांकि उस दौरान गाड़ी में कुलपति नहीं थे। इस पर उन्हें थाने ले जाया गया। इस घटना के बाद 3 नवंबर को उन्हें कारण बताओ नोटिस थमाकर उनसे एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया।
इसका जवाब दिया था। इसके बाद 24 नवंबर को उन्हें निलंबन के आदेश थमा दिए। इसमें कहा गया है कि उनके जवाब से कुलपति संतुष्ट नहीं हैं। कुलदीप सिंह का आरोप है कि बीस सितंबर की घटना को हुए दो माह बीतने को हैं। अब जाकर इतनी इस घटना पर उनका निलंबन करना गलत है।