असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौम्या दीक्षित व पीएचडी छात्रा अंजलि पठानिया
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फिटनेस ट्रैकर, स्मार्ट वॉच जैसे वियरेबल मेडिकल डिवाइस पहनने वाले लोग आम लोगों से ज्यादा फिट होते हैं। इससे समय पर इलाज करवाने, चिकित्सीय सलाह के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य का डाटा भी बेहतर रहता है। यह सर्वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के शोधकर्ताओं ने किया है। सर्वे से प्राप्त डाटा के विश्लेषण के लिए गणितीय मॉडल का उपयोग करते हुए महत्वपूर्ण दृष्टिकोण को सामने रखा गया है। इस शोध के निष्कर्ष जर्नल ऑफ मार्केटिंग कम्युनिकेशन में प्रकाशित किए गए हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौम्या दीक्षित स्कूल ऑफ ह्यूमेनिटीज एवं सोशल साइंसेज के मार्गदर्शन में यह शोध हुआ है। शोध का सह-लेखन पीएचडी छात्रा अंजलि पठानिया और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के डॉ. गौहर रसूल ने किया है।
कोविड-19 महामारी आने के बाद बढ़ा प्रचलन
शोधकर्ताओं का तर्क है कि कोविड-19 महामारी आने के बाद ऐसे वियरेबल हेल्थ उपकरणों का चलन काफी बढ़ा है। वियरेबल डिवाइस को किसी स्मार्ट फोन या अन्य स्रोतों से जोड़कर स्वास्थ्य संबंधी डाटा दर्शाए जा सकते हैं और इनमें अलर्ट, रिमाइंडर और स्वास्थ्य संबंधी सलाह जैसी सुविधाएं भी होती हैं। जो कारगर साबित हो रही हैं। मसलन शरीर की सरंचना के हिसाब से प्रतिदिन कितना चलना है, कितनी कैलरी बर्न करनी है। हार्ट बीट, बीपी और पल्स कितना है, इसका डाटा इन वियेरबल के माध्यम से स्टोर रहता है और इनका अनुसरण सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है।
434 लोगों पर किया गया सर्वे
वियरेबल टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने वाले 434 लोगों पर सर्वे किया गया और स्मार्ट पीएलएस के साथ पार्शियल लिस्ट स्क्वायर स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग (पीएलएस-एसईएम) जैसी विधियों से डाटा का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया है कि यह लोग आम लोगों से कहीं अधिक फिट और सेहत के लिए जागरूक रहते हैं। वियरेबल डिवाइस में सुझाव के आधार पर रोजाना पैदल चलना, समय पर पानी का सेवन करना और अन्य घटकों का ध्यान में रखा जाता है। समय पर चिकित्सीय सलाह भी लेते हैं।