सेना ने शनिवार को स्थानीय लोगों, पुलिस बल, स्थानीय प्रशासन और क्यूआरटी टीम को वहां से हटा दिया है। अब सर्च ऑपरेशन में भारतीय सेना के करीब 220 जवान, आईटीबीपी की 17वीं वाहिनी के 30 जवान और सीमा सड़क संगठन के जवान और मशीनें लापता जवानों को तलाशने में लगे हैं।
शनिवार को भारतीय सेना के सीनियर कमांडर ने भी घटनास्थल का दौरा किया। सेना थर्मल और मेटल डिटेक्शन के अलावा एक स्नाइफर डॉग के लिए पेनेट्रेटिंग रडार का इस्तेमाल कर रही है।
बड़े पैमाने पर आए हिमखंड ने जवानों के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। एडीएम पूह शिवमोहन और एसपी किन्नौर साक्षी वर्मा ने बताया कि जवानों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। सर्च ऑपरेशन लगातार चल रहा है।