बहुचर्चित रेणुका बांध परियोजना के निर्माण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मंगलवार को बांध के पक्ष में अपना फैसला सुनाया और आठ सदस्यीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए। कमेटी चार माह में बांध से संबंधित तमाम पहलुओं का जायजा लेकर रिपोर्ट एनजीटी को प्रस्तुत करेगी।
राज्य वन विभाग के प्रधान मुख्य अरण्यपाल (पीसीसीएफ) एसपी वासुदेव कमेटी के अध्यक्ष होंगे। दिल्ली और हिमाचल दो राज्यों के सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग के प्रतिनिधियों सहित कुल 8 उच्चाधिकारी कमेटी में शामिल किए हैं। कमेटी से जुड़े सदस्य और अधिकारी शीघ्र रेणुका बांध स्थल का दौरा करेंगे।
सुप्रीमकोर्ट रेणुका बांध के पक्ष में अपना फैसला पहले ही सुना चुका है। उस दौरान एनजीटी ने फैसले को सुरक्षित रखा था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान एनजीटी के चीफ जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने बांध निर्माण को लेकर एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने के आदेश दिए।
उधर, हरियाणा सरकार भी रेणुका बांध परियोजना के पक्ष में हैं। वह 25 करोड़ पहले ही दे चुकी है। अब एनजीटी से राहत मिलने से रेणुका बांध निर्माण की राह आसान होती दिखाई दे रही है। बांध प्रबंधकों को भी उच्चस्तरीय कमेटी के दौरे का बेसब्री से इंतजार है।
मंगलवार को एनजीटी ने एक बैठक में राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का हवाला देते हुए रेणुका बांध परियोजना के निर्माण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया। इसे 4 माह का समय दिया है। कमेटी बांध से जुड़े तमाम पहलुओं का जायजा लेकर रिपोर्ट एनजीटी को सौंपेंगी।- सर्वेश कुमार सेठ, एजीएम; रेणुका बांध परियोजना