हिमाचल में विधायक प्राथमिकता योजनाओं को तय करने में एमएलए उलझ गए हैं। वे परेशानी में हैं कि किस योजना को विधायक प्राथमिकता में डालें और किसे छोड़ें। एक वित्त वर्ष में एमएलए केवल छह प्रमुख नई योजनाओं को ही विधायक प्राथमिकता में डाल सकते हैं।
इनमें सड़क, पीने के पानी और सिंचाई की केवल दो-दो योजनाएं ही डाली जा सकती हैं। ऊपर से हाल ये है कि अधिकतर हलकों में पूरे टेन्योर के लिए 50 करोड़ रुपये की ही योजनाओं को नाबार्ड को भेजने की सीलिंग लगी हुई है। इसे हटाने को विधायक इस बार दबाव बनाने की तैयारी में हैं। राज्य में विधायक प्राथमिकता योजनाओं को तय करने के लिए बैठकों का आयोजन वीरवार और शुक्रवार को दो दिन होने जा रहा है।
इनकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे। इनमें सभी विधायकों को बुलाया है। पहले दिन प्रदेश के लगभग तीन दर्जन विधानसभा क्षेत्रों की योजनाओं पर चर्चा होगी। अगले दिन बाकी बचे हलकों पर मंत्रणा होगी। बैठक में वित्त वर्ष 2016-17 के लिए विधायकों की प्राथमिकताएं तय हो जाएंगी। इनमें वास्तविक नई योजनाओं (आरएनएस) के तहत दो-दो योजनाएं सड़कों-पुलों, ग्रामीण पेयजल और लघु सिंचाई की स्कीमें डाली जाएंगी।
इसके अतिरिक्त चालू योजनाएं वही डाली जाएंगी, जिनका 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इनमें भी दो-दो योजनाएं सड़कों-पुलों, ग्रामीण पेयजल और लघु सिंचाई की डाली जाएंगी। इसके अलावा स्कूलों, स्वास्थ्य भवनों के निर्माण के दो-दो, अन्य विभागों के दो नए भवनों और दो निर्माणाधीन भवनों के निर्माण के मामले भी विधायक प्राथमिकता में डाले जाएंगे। बाद में ये योजनाएं वार्षिक बजट 2016-17 में शामिल होंगी।
विधायकों से पांच सुझाव भी मांगे हैंप्रदेश के योजना विभाग ने
हिमाचल सरकार के योजना विभाग ने विधायकों से पांच सुझाव भी मांगे हैं। पहला सुझाव मितव्ययता के उपाय पर मांगा गया है। दूसरा सुझाव वित्तीय संसाधनों को जुटाने, तीसरा सुझाव बेहतर प्रशासन और चौथा स्वरोजगार या रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए मांगा गया है। इसके अलावा एक अन्य सुझाव किसी भी विकास क्षेत्र में नई नीति के लिए मांगा गया है।
सोलन, शिमला, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के विधायकों की बैठकें आज
योजना सलाहकार अक्षय सूद ने बताया कि चार फरवरी को सोलन, शिमला और सिरमौर के विधायकों की बैठक साढ़े 10 बजे से डेढ़ बजे के बीच होगी। मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के विधायकों की बैठक दोपहर बाद दो से पांच बजे के मध्य होगी। पांच फरवरी को कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के विधायकों की बैठक साढे़ दस से डेढ़ बजे के अतिरिक्त चंबा, ऊना और हमीरपुर के विधायकों की बैठक दो से पांच बजे के बीच होगी।