हिमाचल की ऐतिहासिक नदी सतलुज अगले एक दशक में टनल में कैद हो जाएगी। इस नदी पर अब तक 9200 मेगावाट पावर प्रोजेक्ट तो बन चुके हैं या फिर प्रस्तावित हैं।
देहरादून स्थित भारतीय वानिकी एवं अनुसंधान शिक्षा परिषद ने नदी पर बन रहे पावर प्रोजेक्ट से होने वाले पर्यावरण क्षति का भी आंकलन किया जा चुका है।