प्रदेश मुख्यालय शिमला से विभिन्न जिलों में भेजी जा रहीं बसों में सवारियों की ऑक्यूपेंसी 30 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ गई है। परिवहन विभाग की ओर से कैबिनेट में दी गई प्रजेंटेशन में इसका खुलासा हुआ है। बीते वीरवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कोरोना के चलते लोग बस में बैठने से गुरेज कर रहे है। ऐसे में बसे खाली दौड़ रही हैं।
आईएसबीटी से कुल्लू, मंडी, मनाली, स्योह, हमीरपुर आदि क्षेत्रों को जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या कम हुई है। प्रदेश सरकार ने बसों में 60 फीसदी सवारियों बैठने की आदेश जारी किए है। उधर, एचआरटीसी की बसों में सफर करने के लिए लोगों को रुट और समयसारणी की जानकारी एचआरटीसी की वैबसाइट पर भी उपलब्ध की गई है। लेकिन लोग सीटों की कम बुकिंग कर रहे है। उधर, कोरोना के चलते बसों में सवारियां कम होने से निगम प्रशासन ने प्रदेश भर में रूटों को क्लब किया है।