वहीं, यूजी छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं रद्द होने की सूचना से अंजान कई विद्यार्थी मंगलवार सुबह कॉलेजों में पहुंच गए। प्रदेश में कई जगह सुबह के समय कॉलेजों के बाहर विद्यार्थियों की भीड़ जुट गई। परीक्षा रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद विद्यार्थी निराश होकर घरों को लौटे। प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार सुबह करीब दस बजे छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं करवाने को लेकर आदेश जारी किए थे। कोर्ट का आदेश आने के बाद सोमवार को सुबह और शाम के सत्र के लिए प्रस्तावित परीक्षाएं तो ले ली गई लेकिन मंगलवार की परीक्षाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। शिक्षा मंत्री का परीक्षाएं लेने का वीडियो सोमवार दोपहर से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इसके बाद शाम के समय शिक्षा सचिव की ओर से विवि प्रशासन को परीक्षाएं लेने को लेकर जारी पत्र भी सोशल मीडिया पर छाया रहा। मंत्री और सचिव के बयानों के चलते विद्यार्थियों को भी लगा कि जब सरकार बोल रही है तो परीक्षाएं होंगी ही, लेकिन देर शाम तक भी विश्वविद्यालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की। रात को करीब साढ़े नौ बजे विवि की ओर से जारी पत्र में मंगलवार को ली जाने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया। विश्वविद्यालय के इस पत्र की जानकारी कई विद्यार्थियों को नहीं लग सकी। जिसके चलते कई विद्यार्थी मंगलवार सुबह परीक्षा केंद्रों में एक घंटा पहले पहुंचने के लिए कॉलेजों में पहुुंच। कॉलेज पहुंचने पर परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलने पर विद्यार्थी निराश नजर आए।