संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में वर्षों से सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों के नियमितीकरण का मामला एक बार फिर चर्चा में है।
प्रदेश सरकार की ओर से लागू की जा रही एलडीआर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कंप्यूटर शिक्षक संघ की लीगल टीम ने इसे शिक्षकों की समस्याओं का स्थायी समाधान मानने से इन्कार किया है। वीरवार को लीगल टीम के सदस्यों राजेंद्र शर्मा, विपिन शर्मा, कुलदीप शर्मा और देश राज ने सरकार से मांग की कि कंप्यूटर शिक्षकों के नियमितीकरण के मामले में उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की जाए और उन्हें नियमानुसार उनके पात्र सेवा लाभ प्रदान किए जाएं। लीगल टीम के सदस्यों का कहना है कि वर्षों तक सरकारी विद्यालयों में सेवाएं देने के बावजूद कंप्यूटर शिक्षकों को नियमितीकरण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों के लिए एलडीआर व्यवस्था कितनी लाभकारी होगी, यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।
वर्ष 2016 में अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन कर कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने की बात कही थी। लीगल टीम के सदस्यों का कहना है कि सितंबर 2025 में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कंप्यूटर शिक्षकों को जनवरी 2016 से नियमित करने के आदेश पारित किए हैं लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा रहा।