हिमाचल प्रदेश के शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में शनिवार को सेब की अर्ली वैरायटी रेड जून किस्म के सेब की आमद शुरू हो गई। पहले दिन 20 किलो की पेटी 800 और 10 किलो का हॉफ बाक्स 500 रुपये में बिका। इस साल सामान्य के मुकाबले करीब एक हफ्ते पहले मंडी में रेड जून किस्म का सेब पहुंच गया है। एक हफ्ते बाद मंडी में सेब की आमद बढ़ने की उम्मीद है।शनिवार को जुब्बल के हाटकोटी और ठियोग के मतियाना से सेब पहुंचा।
हाटकोटी से रेड जून की 20 किलो की 8 पेटियां जबकि मतियाना से 10 किलो की 16 पेटियां मंडी पहुंचीं। यह सेब बाशी मुंबई के खरीदार कमल सेठ ने खरीदा। कमल सेठ ने बताया कि अभी तक मार्केट में इर्म्पोटेड सेब ही उपलब्ध है। पहाड़ों के सेब की मार्केट में बढ़िया डिमांड है। आने वाले दिनों में बागवानों को सेब को बढ़िया रेट मिलेंगे। शिमला जिले के कोटखाई और मंडी के करसोग सहित निचले क्षेत्रों में सेब की अर्ली वैरायटी तैयार होनी शुरू हो गई है।
हिमाचल में सालाना करीब 4000 करोड़ रुपये का सेब कारोबार होता है। सेब कारोबार से प्रदेश के करीब 6 लाख परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। इस साल प्रदेश में पहली जुलाई के बाद सेब सीजन के रफ्तार पकड़ने की संभावना है। अनूप फ्रूट कंपनी के संचालक अनुपाल चौहान ने बताया कि इस साल रेड जून सेब सामान्य के मुकाबले एक हफ्ते पहले मंडी में पहुंचा है। शनिवार को हाटकोटी और मतियाना से आए सेब को 800 रुपये पेटी रेट मिले हैं। बीते साल के मुकाबले सीजन की शुरुआत में यह दोगुने दाम हैं। बागवानों से अपील की है कि सेब को अच्छी तरह तैयार होने के बाद ही मंडियों में लाएं। इस सीजन में बागवानों को फसल के बढ़िया रेट मिलने की उम्मीद है।