रेडक्रॉस दिवस पर विद्यार्थियों के साथ राज्यपाल आचार्य देवव्रत।
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राजभवन में रविवार को रेडक्रॉस दिवस मनाया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि रेडक्रॉस आंदोलन मानवता, निष्पक्षता, एकता, निष्पक्ष, सार्वभौमिकता, स्वयंसेविकता तथा एकता के सात मौलिक सिद्धांतों पर आधारित है।
आज का दिन युवाओं विशेषकर नए स्वयंसेवियों को रेडक्रॉस के बारे में शिक्षित करने को सबसे बेहतर दिन है। पीड़ित मानवता की सेवा ही सही अर्थों में भगवान की सेवा है। आरंभ में रेडक्रॉस का गठन घायल सैनिकों की सहायता के लिए किया गया था। आज इसकी गतिविधियों में कई गुना वृद्धि हो गई है।
इसके बाद रेडक्रॉस सोसाइटी सदस्य, स्वयंसेवियों और विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने राज्यपाल तथा लेडी गवर्नर को विश्व रेडक्रॉस दिवस पर रेडक्रॉस झंडा से अलंकृत किया। राज्यपाल और उनकी पत्नी दर्शना देवी ने भी रेडक्रॉस सोसाइटी को अंशदान किया। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर तथा कुसुम्पटी के विद्यार्थियों को मिठाई वितरित की।
प्रदेश सतलुज जल विद्युत निगम के निदेशक (कार्मिक) एनएल शर्मा ने राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी को दान की गई रोगी वाहन की चाबी राज्यपाल को सौंपी। राज्यपाल ने कहा कि इस रोगी वाहन से रोगियों को आपातकाल में सहायता उपलब्ध होगी। राज्यपाल के सचिव
तथा राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के महासचिव पुष्पेंद्र राजपूत, एसजेवीएन के स्वतंत्र निदेशक गणेश दत्त, राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव पीएस राणा आदि मौजूद रहे। राज्यपाल ने मदर्स डे पर प्रदेश वासियों को बधाई दी। उन्होंने बच्चों से अपने माता-पिता तथा अभिभावकों का सम्मान करने के लिए कहा।