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Shimla News: ऑनलाइन पैसा लिया पर नहीं भेजा सामान, देना होगा हर्जाना

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जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का फैसला
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ई-कॉमर्स कंपनी से मंगवाया था टीवी, डिलीवरी नहीं होने पर देना होगा हर्जाना

रुचि सांख्यान
शिमला। ऑनलाइन सामान बुक करने के बाद न तो डिलीवरी दी गई और न ही पैसे वापस किए गए। इस पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, शिमला ने ई-कॉमर्स कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की पीठ ने वीएलई बाजार प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कोताही तथा अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया है। आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता को 4,627 रुपये की मूल राशि भुगतान की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा, मानसिक प्रताड़ना के एवज में 15 हजार रुपये हर्जाना और 10 हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में अदा करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का अनुपालन 45 दिन के भीतर करना होगा। मामले के अनुसार शिमला ग्रामीण निवासी जय भगवान ने 8 दिसंबर 2025 को कंपनी की वेबसाइट से गूगल क्रोमकास्ट विद गूगल टीवी का ऑनलाइन ऑर्डर दिया था। कूपन डिस्काउंट के बाद उन्होंने 4,627 रुपये का अग्रिम भुगतान किया। इसके बावजूद कंपनी ने तय समय पर उत्पाद की डिलीवरी नहीं की।
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शिकायतकर्ता ने जब ईमेल के जरिये कंपनी से संपर्क किया, तो हर बार उन्हें ऑर्डर प्रक्रिया में होने का आश्वासन दिया गया। परेशान होकर उन्होंने ऑर्डर रद्द कर पूरी रकम वापस करने की मांग की। कंपनी ने पैसे लौटाने की बात तो कही, लेकिन न तो उत्पाद भेजा और न ही पैसे वापस किए। लीगल नोटिस भेजने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने स्पष्ट किया कि ग्राहक से अग्रिम भुगतान लेने के बाद सामान की डिलीवरी न करना और पैसे वापस न लौटाना अनुचित व्यापार व्यवहार है।
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