निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांग्ये
मैक्लोडगंज में तिब्बतियों ने अलग तरह से विद्रोह दिवस मनाया। कुछ तिब्बतियों ने तिब्बत का झंडा लेकर धर्मशाला के इंद्रूनाग से पैराग्लाइडिंग कर 61वें तिब्बतियन विद्रोह दिवस मनाया। तिब्बती टेंडम उड़ान में पैराग्लाइडरों के साथ होटल द पवेलियन के ऊपर से गुजरे जहां पर भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें ठहरी हैं।
तिब्बतियों ने इस बार चीन सरकार के खिलाफ पैराग्लाग्लाडिंग कर विरोध का अलग तरीका अपनाया। इसके अलावा तिब्बतियों ने धर्मशाला में चीन सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। वहीं, निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांग्ये ने कहा कि वह वर्ष 2020 को थैंक्यू दलाईलामा के रूप में उनके सम्मान में मनाएंगे।
तिब्बतियन पूरी दुनिया में धर्मगुरु दलाईलामा के जीवन और उनके काम के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं। तिब्बत में शांति केवल चीन सरकार द्वारा मध्य मार्ग नीति अपनाने से ही हो सकती है। इसलिए, चीन सरकार को धर्मगुरु दलाईलामा के दूतों से वार्ता शुरू करनी चाहिए। 61वां विद्रोह दिवस तिब्बत की आजादी और वहां पर शांति कायम करने के लिए संघर्ष के दौरान जान देने वाले शहीदों को समर्पित है।