हाईकोर्ट में मामले पर आज होनी है सुनवाई संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के कार्यकाल बढ़ाने पर आज फैसला हो सकता है। दायर याचिका पर कोर्ट क्या निर्णय देता है इस पर ही कांग्रेस के बागी और भाजपा पार्षदों की नजर टिकी है। कांग्रेस और भाजपा पार्षदों का कहना है कि इसके बाद ही अगली रणनीति तय की जाएगी।
हिमाचल सरकार ने हाल ही में महापौर और उपमहापौर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया है। इसको लेकर सरकार अध्यादेश पारित कर चुकी है लेकिन इस फैसले से कांग्रेस के अपने ही पार्षद नाराज हो गए हैं। पा पार्षदों का कहना है कि सदन में चुनकर आईं कांग्रेस की महिलाओं पार्षदों को मेयर पद रोस्टर के हिसाब से मिलना चाहिए था। नाराज पार्षदों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से इसको लेकर अपनी नाराजगी तक जताई है। दूसरी ओर भाजपा के आला कमान के निर्देशों के बाद याचिका दायर की है। दोनों का फैसला 11 नवंबर को आना है। नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा है। 34 वार्डों में कांग्रेस समर्थित 24 पार्षद जीतकर आए है। इनमें भाजपा के 9 और माकपा का एक पार्षद जीते हैं। इसके अलावा कांग्रेस और भाजपा समेत 21 महिलाएं सदन में जीती हैं।