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हिमाचल के बजट पर दिग्गजों की प्रतिक्रिया, यहां जानिए किसने क्या कहा

Sat, 10 Mar 2018 11:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सीएम जयराम ठाकुर की ओर से पेश बजट पर दिग्गज नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने जहां बजट को संतुलित करार दिया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने बजट को आंकड़ों का जाल करार दिया। 

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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने जयराम सरकार के पहले बजट को संतुलित, प्रगतिशील करार दिया है। धूमल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सर्वस्पर्शी और सर्वहितकारी बजट जहां समाज के प्रत्येक वर्ग को राहत देगा, वहीं विकास की गति को भी तेज करेगा। 

पूर्व सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कृषि, बागवानी, पुष्प उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि को महत्व देते हुये ग्रामीण हिमाचल की आर्थिकी को सुदृढ़ करने का सराहनीय प्रयास किया है।
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प्रेम कुमार धूमल ने इस प्रयास को सराहा

धूमल ने कहा कि किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाना समय की पुकार है। पॉलीहाऊस के लिए उपदान की राशि बढ़ाना और सेब राज्य, फल राज्य को पुष्प राज्य के तौर पर विकसित करने का प्रयास भी सराहनीय है। 

बागवानों को हेलनैट पर सबसिडी देना और उससे भी ज्यादा एंटीहेलगन के लिए उपदान का प्रावधान किसान बागवान को बहुत बड़ी राहत होगा। धूमल ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए जहां पहले ही स्थापित छोटे, मझोले और बड़े उद्योगों को राहत दी गई है।

वहीं नए स्थापित होने वाले उद्योगों को भी प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क निर्माण, परिवहन, विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रावधान स्वागत योग्य हैं और इससे प्रदेश का चहुंमुखी विकास होगा। 

साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, रज्जूमार्ग इत्यादि का प्रावधान करके एक अच्छी शुरूआत की है। धूमल ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद, पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुने हुये प्रतिनिधियों का ध्यान रखकर लोकतंत्र को और मजबूती देने की कोशिश की गई है।



 

सांसद वीरेंद्र कश्यप ने बजट को सराहा

 सांसद वीरेंद्र कश्यप ने प्रदेश सरकार के बजट को सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि बजट से सभी वर्गों और क्षेत्रों का समान विकास होगा। किसानों के लिए पुष्प क्रांति योजना से रोजगार मिलेंगे।

सेब उत्पादकों को एंटी हेलगन लगाने के लिए 60 फीसदी सब्सिडी देने से लाभ मिलेगा। किसानों की सबसे बड़ी जंगली जानवरों की समस्या दूर होगी। सोलर फेंसिंग में सरकार ने 85 फीसदी की सब्सिडी का एलान किया है।

पंचायतीराज एवं नगर परिषदों के प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय स्वागत योग्य है। छोटे और मंझोले उद्योग के बिजली शुल्क में कमी करने से इन्हें राहत मिलेगी।
 

रामराज्य लाएगा हिमाचल का बजट : शांता

 सांसद शांता कुमार ने जयराम सरकार के बजट को सर्वांगीण विकास का बजट बताया। कहा कि बजट में किसानों-बागवानों और पुष्प उत्पादकों को सम्मानीय सुविधाएं देकर सभी विकास योजनाओं को ग्राम आधारित बनाकर सिद्ध किया है कि सरकार हिमाचल में रामराज्य की स्थापना की ओर

बढ़ने की इच्छुक है। प्रदेश में श्वेत क्रांति लाने को घोषित विभिन्न योजनाओं में मंदिर की आय से 15 प्रतिशत राशि गोवंश के संरक्षण पर व्यय करने और सहकारी दुग्ध उत्पादन संस्थाओं को सब्सिडी देने की घोषणा सराहनीय है।

पुष्प उत्पादकों को फूलों के माल भाड़े में 25 प्रतिशत की राहत प्रदेश के पुष्प उत्पादकों के लिए विपणन के नए आयाम देगी। प्रदेश को फल राज्य के साथ जैविक और प्राकृतिक खेती राज्य बनाने की घोषणा एक समयानुकूल लिया गया निर्णय है। 

अगले दो साल में प्रदेश के हर परिवार को गैस सिलिंडर दिया जाना, प्रदेश की हर पंचायत को सड़क से जोड़ा जाना हर विस क्षेत्र को खेल मैदान देना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए देव भूमि दर्शन योजना शुरू करना स्वागत योग्य है।

क्रांतिकारी घोषणाओं से बची सरकार : वीरभद्र

वीरभद्र ने जहां जयराम ठाकुर के बजट को अच्छी कोशिश कहा। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि जयराम सरकार ने छोटी-छोटी घोषणाएं की हैं, क्रांतिकारी घोषणाएं करने से सरकार बची है। बजट में अलग कुछ नहीं है।

वही मद वही आंकड़े पेश किए गए हैं। जयराम सरकार के बजट में कोई नवीनता नहीं है। सरकार ने हर क्षेत्र को छूने का प्रयास किया है लेकिन ठोस कुछ भी नहीं किया है। शिक्षा के क्षेत्र को लेकर सरकार पूरी तरह से मौन रही है। नए शिक्षण संस्थानों का बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा विधानसभा में पेश किए गए अपनी सरकार के पहले बजट को महज आंकड़ों का मकड़जाल करार दिया है।

 

सर्वे भवंतु सुखिन: का सार है हिमाचल का बजट : अनुराग

सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट सर्वे भवंतु सुखिन: की मूल भावना समेटे हुए है। कहा कि यह बजट आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट है।

किसान-बागवान से लेकर गृहिणियों, युवाओं, बच्चों और उद्योगों तक के लिए बजट में प्रावधान हैं। इसमें केंद्र सरकार जैसी दूरदर्शिता भी दिखती है। पर्यटन, उड्डयन, खेल, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, कृषि जैसे सभी सेक्टरों पर खासा ध्यान दिया है।

नगर व जिला पंचायत प्रतिनिधियों मानदेय बढ़ाकर सबको साथ लेकर प्रदेश के विकास के लिए काम करने की भावना भी दिखी है। साथ ही हर घोषणा को धरातल पर उतारकर लोगाें फायदा पहुंचाने के लिए पर्याप्त बजट का भी प्रावधान किया गया है।

बैकडोर टैक्स लगेंगे : सिंघा

माकपा के विधायक राकेश सिंघा ने कहा है कि इस बजट में आम जनता पर बेशक टैक्स नहीं लगे हैं, मगर आने वाले वक्त में बैकडोर टैक्स लगेंगे। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।

सिंघा ने कहा कि जिस तरह से कृषि क्षेत्र की उपेक्षा करने के कारण प्राथमिक सेक्टर का ग्रोथ रेट गिरा है, उसी लिहाज से इस क्षेत्र के लिए व्यापक बजट प्रावधान नहीं किए गए हैं।

हिप्र अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किए बजट से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रदेश का नया नेतृत्व एक नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में जनकल्याण के साथ ही मजदूर व कर्मचारी वर्ग को राहत पहुंचाई गई है।

साहित्यिक मंडलों की बैठक जैसा बजट : मुकेश

कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि जयराम सरकार का बजट साहित्यिक मंडलों की बैठक जैसा है। नए रोजगार का प्रावधान नहीं कर सरकार ने बेरोजगारों से धोखा किया है। कौशल विकास भत्ता कांग्रेस सरकार की योजना है।

बजट में शराब पिलाकर आय बढ़ाने की सोच दिखी है। खुद कर्ज लेने और केंद्र सरकार की बैसाखियों के दम पर बजट तैयार किया गया है। बजट में कोई भी सोच या दिशा नहीं दिखी है। सिर्फ योजनाओं का नामकरण किया है।

हिमाचल पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रदेश महासचिव टी डी ठाकुर ने सरकार के बजट को पेंशनर्स को निराश करने वाला बताया है। कहा कि मुख्यमंत्री को सबसे पहले अपने वित्त सचिव श्रीकांत बाल्दी को हटाना चाहिए जो उन्हें गुमराह करते हैं।

कहा कि हमने पांच, दस व पंद्रह साल वाली अतिरिक्त पेंशन वृद्घि की मांग की थी जो लंबे समय से लंबित है और भाजपा ने उसे देने का वायदा भी किया था। लेकिन वित्त सचिव ने सरकार को गुमराह करते हुए पेंशन वृद्घि की जगह आईआर का झुनझुना पकड़ाया है। 
 
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भविष्य की राह तैयार करने वाले बजट : सिद्धू

सीआईआई हिमाचल के चेयरमैन आईएमजेएस सिद्धू ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का पहला बजट समग्र और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बजट है। यह बजट भविष्य के लिए राह तैयार करने वाला है।

विभिन्न प्रावधान कर 2022 तक किसानों की आय का दोहरीकरण करने के राष्ट्रीय दृष्टि की दिशा में एक सराहनीय कदम है। वहीं, एजीटी में 25 प्रतिशत की कमी और छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बिजली शुल्क में कमी से निश्चित रूप से एसएमई क्षेत्र को राहत मिलेगी।

इसके अलावा पहले पांच साल के लिए किसी भी नए छोटे और मध्यम उद्योग को विद्युत शुल्क की छूट नए निवेश को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार के इरादे दर्शाता है।
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