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Shimla: जयराम के वरिष्ठ विशेष निजी सचिव रहे नेगी, रामसुभग के वरिष्ठ विशेष सचिव वर्मा की सेवाएं समाप्त

Thu, 15 Dec 2022 08:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश की नई सरकार ने तीन अधिकारियों को दिए पुनर्नियुक्ति और सेवाविस्तार को खत्म कर दिया है।
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हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं दे रहे तीन अधिकारियों के सेवा विस्तार और पुनर्रोजगार को समाप्त कर दिया है। पदभार संभालते ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार के समय दिए गए सेवा विस्तार और पुनर्रोजगार को खत्म करने के आदेश दिए थे।  गुरुवार को राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने राज्य सचिवालय सेवाओं से सेवानिवृत्त दो अधिकारियों रामकृष्ण वर्मा और दीवान नेगी के पुनर्रोजगार को भी समाप्त कर दिया। पूर्व जयराम सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रधान निजी सचिव दीवान नेगी को 30 सितंबर 2023 तक और वरिष्ठ विशेष निजी सचिव रामकृष्ण वर्मा को 31 जून 2023 तक पुनर्रोजगार दिया था।

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दीवान नेगी सीएम जयराम ठाकुर के साथ नियुक्त थे, जबकि रामकृष्ण वर्मा पूर्व मुख्य सचिव रामसुभग सिंह के साथ नियुक्त थे जो इस पद से हटाए जाने के बाद अब प्रधान सलाहकार प्रशासनिक सुधार के पद पर नियुक्त हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (वास्तुकार) सेंट्रल जोन मंडी में नियुक्त नंद लाल के सेवा विस्तार को समाप्त कर दिया है। वह पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला स्थित मध्य जोन के कार्यालय में नियुक्त थे। 

वेतन संशोधन में विसंगतियों के विरोध में हड़ताल करेंगे नाबार्ड के अधिकारी
शिमला। आल इंडिया नाबार्ड ऑफिसर एसोसिएशन ने वेतन संशोधन में विसंगतियों के विरोध में शुक्रवार को पूरा दिन अखिल भारतीय स्तर की हड़ताल का आह्वान किया है। सेवानिवृत्त कर्मचारी भी हड़ताल के समर्थन में आ गए हैं। आल इंडिया नाबार्ड ऑफिसर एसोसिएशन शिमला यूनिट के अध्यक्ष नविता एस वाधवा ने बताया कि नाबार्ड के प्रदेश कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होंगे। 

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पुलिस अधीक्षक अरविंद दिग्विजय नेगी की सेवाएं बहाल 

वहीं, प्रदेश सरकार ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अरविंद दिग्विजय नेगी की सेवाएं बहाल कर दी हैं। इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। एनआईए ने गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संबंधित कमेटी की बैठक में इस पर फैसला हुआ था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में फंसे आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय सिंह नेगी ने राज्य पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग दे दी थी। उन्हें अगले आदशों तक पुलिस मुख्यालय में तैनाती दी गई है।  विशेष अदालत (एनआईए) से नेगी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और एक अन्य जमानती के आधार पर जमानत दे दी थी।

इसके बाद वह हिमाचल लौट आए थे। राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से उनका निलंबन रद्द करने के लिए प्रदेश सरकार को फाइल भेजी गई थी। यह मुख्यमंत्री कार्यालय के पास विचाराधीन थी। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद निलंबन कमेटी ने इसे हरी झंडी दे दी है। वर्ष 2011 के बैच के आईपीएस अधिकारी नेगी को पिछले साल छह नवंबर में एनआईए की ओर से दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला संदिग्ध गतिविधियों की साजिश और इसे अंजाम देने में सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबंधित संगठन के सक्त्रिस्य सदस्यों के नेटवर्क के प्रसार के आरोपों से संबंधित है।
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