वहीं, प्रदेश सरकार ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अरविंद दिग्विजय नेगी की सेवाएं बहाल कर दी हैं। इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। एनआईए ने गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संबंधित कमेटी की बैठक में इस पर फैसला हुआ था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में फंसे आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय सिंह नेगी ने राज्य पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग दे दी थी। उन्हें अगले आदशों तक पुलिस मुख्यालय में तैनाती दी गई है। विशेष अदालत (एनआईए) से नेगी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और एक अन्य जमानती के आधार पर जमानत दे दी थी।
इसके बाद वह हिमाचल लौट आए थे। राज्य पुलिस मुख्यालय की ओर से उनका निलंबन रद्द करने के लिए प्रदेश सरकार को फाइल भेजी गई थी। यह मुख्यमंत्री कार्यालय के पास विचाराधीन थी। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद निलंबन कमेटी ने इसे हरी झंडी दे दी है। वर्ष 2011 के बैच के आईपीएस अधिकारी नेगी को पिछले साल छह नवंबर में एनआईए की ओर से दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला संदिग्ध गतिविधियों की साजिश और इसे अंजाम देने में सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबंधित संगठन के सक्त्रिस्य सदस्यों के नेटवर्क के प्रसार के आरोपों से संबंधित है।