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RBI ने भेजा नोटिस, अब इन बैंकों में नहीं बदले जा सकेंगे पुराने नोट

Wed, 16 Nov 2016 06:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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सहकारी बैंकों में 500 और 1000 रुपये के पुराने करंसी नोट डिपोजिट नहीं होंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इन बैंकों को नोटिस जारी किया है। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में भी अब 500 और 1000 रुपये के पुराने करंसी नोट डिपोजिट नहीं होंगे। सोमवार को
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने केसीसी बैंक प्रबंधक को इस बारे में नोटिस जारी कर पुराने करंसी नोट के लेनदेन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। नोटिस से स्पष्ट है कि आरबीआई कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को अन्य नेशनल बैंकों की तरह बैंक नहीं मानता।

आरबीआई ने अपने पत्र में केसीसीबी को डीसीबी (जिला केंद्रीय बैंक) बताया है। आरबीआई ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि डीसीबी अन्य नेशनल बैंकों की भांति पुराने करंसी नोट प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं हैं। वर्तमान में सूबे में केसीसी बैंक की कुल 210 बैंक शाखाएं और करीब दो लाख उपभोक्ता हैं। वहीं बैंक का कैप्टिल 10 हजार करोड़ से अधिक है। 
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पुराने करंसी नोट न लेने के निर्देश जारी

लिखित में आदेश मिलते ही कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबंधक अशोक पुरी ने प्रदेशभर की तमाम शाखाओं के प्रबंधकों को संबंधित बैंक शाखाओं के तहत अपने ग्राहकों से 500 और 1000 रुपये के पुराने करंसी नोट न लेने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सोमवार दोपहर को जैसे ही केसीसी बैंक की शाखाओं में इन आदेशों की कॉपी पहुंची, बैंक में रुपये जमा करवाने आए ग्राहकों में हड़कंप मच गया।

सुबह से पुराने करंसी नोट लेकर लाइन में खड़े बैंक उपभोक्ता भड़क उठे। इस बीच कई उपभोक्ताओं की बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। ग्राहकों को समझ नहीं आ रहा कि अब पुराने करंसी नोटों का वह क्या करें। आरबीआई से लिखित में आदेश मिलते ही बैंक प्रबंधन ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाकर आगामी रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया है।

उधर, केसीसी बैंक के महाप्रबंधक अशोक पुरी ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से पुराने करंसी नोट न लेने को लेकर एक पस्त्रत्त्त्र मिला है। उन्होंने कहा कि बैंक पहले अपनी सभी शाखाओं पर पुराने करंसी नोट ले रहा था, लेकिन अब सभी शाखा प्रबंधकों को इस पर रोक के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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