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Himachal: 11.5 लाख एपीएल परिवारों को झटका, चावल-आटे के कोटे में हुई ये बड़ी कटौती

Tue, 28 Mar 2023 10:26 AM IST
Krishan Singh सोमदत्त शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन

सार

हिमाचल के लाखों एपीएल परिवारों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है। सरकार ने एपीएल परिवारों के राशन के कोटे में पहली बार बड़ी कटौती कर दी है। अब इस कटौती के हिसाब से डिपो संचालक अप्रैल में एपीएल परिवारों को राशन देंगे।
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आटा व चावल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महंगाई के दौर में प्रदेश सरकार ने हिमाचल के लाखों एपीएल परिवारों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने एपीएल परिवारों के राशन के कोटे में पहली बार बड़ी कटौती कर दी है। अप्रैल में एपीएल परिवारों को चार किलो आटा और तीन किलो चावल प्रति राशन कार्ड कम मिलेगा। यानी अब उन्हें 11 किलो आटा और पांच किलो चावल ही दिए जाएंगे। जबकि मार्च में एपीएल परिवारों को 15 किलो आटा और आठ किलो चावल दिए गए थे। अब इस कटौती के हिसाब से डिपो संचालक अप्रैल में एपीएल परिवारों को राशन देंगे।

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बताया जा रहा है कि बीते तीन साल में एक साथ अब तक की यह सबसे बड़ी कटौती है। करीब तीन साल पहले उपभोक्ताओं को 11 किलो आटा और पांच किलो चावल मिलते थे। कोरोना काल में सरकार ने राशन में बढ़ोतरी कर दी थी। वह बढ़ोतरी अब तक चल रही थी। हालांकि इससे पहले जब भी डिपो में मिलने वाले राशन कटौती या बढ़ोतरी होती थी तो वह एक किलो से ज्यादा नहीं हुई। पहली बार सरकार ने सीधे चार किलो आटा और तीन किलो चावल कम किए हैं।

इसलिए घटाया कोटा
राशन की कटौती को लेकर विभाग की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि जनजातीय क्षेत्रों पांगी, भरमौर समेत कई जगह राशन की सप्लाई शुरू हो गई है। मगर इससे पहले भी जब जनजातीय क्षेत्रों को राशन दिया जाता था तो एक साथ इतनी बड़ी कटौती नहीं की गई। डिपो में राशन में कटौती होने से एपीएल परिवार प्रभावित होंगे। इसके चलते लोगों को अब बाजार से अतिरिक्त राशन महंगे दामों पर खरीदना पड़ेगा।
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11.50 लाख परिवार एपीएल में
प्रदेशभर में 70 फीसदी से ज्यादा परिवार एपीएल उपभोक्ता हैं। इनमें करीब 11.50 लाख उपभोक्ता एपीएल परिवारों में आते हैं। सरकारी राशन के डिपो में उन्हें 9.30 रुपये प्रतिकिलो आटा और 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चावल दिए जा रहे हैं। हालांकि बीते तीन माह से प्रदेश सरकार ने लगातार राशन में बढ़ोतरी की थी। मगर अब अप्रैल में अब तक जितनी भी बढ़ोतरी की गई थी, उसमें सबसे अधिक कटौती कर दी है।

जनजातीय क्षेत्रों के लिए राशन की सप्लाई शुरू होने से एपीएल परिवारों का कोटा घटाया है। सितंबर माह से जनजातीय क्षेत्रों को राशन सप्लाई नहीं जा रही थी। एपीएल परिवारों के राशन में कटौती और बढ़ोतरी चलती रहती है। -केसी चमन, निदेशक खाद्य आपूर्ति विभाग

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