ग्रामीणों का कहना है कि यदि दमकल विभाग की टीमें समय पर नहीं पहुंचतीं, तो शिरगुली गांव में 15 से अधिक मकान आग की चपेट में आ सकते थे और पूरा गांव तबाही का मंजर देखता। लोगों का यह भी कहना है कि यदि सड़क बेहतर होती और दमकल वाहन जल्दी पहुंच पाते और कम से कम एक मकान को बचाया जा सकता था। घटना की सूचना मिलते ही चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। नायब तहसीलदार सुरेंद्र चौहान उनके सहयोगी सुनील रपटा और प्रशासनिक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन ने तत्काल राहत के रूप में दोनों परिवारों को 15-15 हजार रुपये की फौरी सहायता, तिरपाल और कंबल उपलब्ध करवाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि परिवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घरों में रखा फर्नीचर, नकदी, कपड़े, बर्तन, अनाज, जरूरी दस्तावेज और वर्षों से संजोया गया सामान कुछ ही घंटों में राख हो गया। अब दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे नई शुरुआत करने को मजबूर हैं।