शिलाई से कांग्रेस विधायक हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि वे विधेयकों का समर्थन करते हैं। यह कहा जा रहा था कि इन बिलों पर चर्चा होगी या नहीं। विधायकों के पास अगर कोई आमदनी का स्रोत नहीं है तो वे कैसे गुजारा करेंगे।
सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह हर साल बढ़ती है। विधायकों की बढ़ जाए तो उस पर विवाद हो जाता है। विधायकों को सुविधाएं मिलनी चाहिए और मिलनी ही चाहिए। इससे ईमानदारी आएगी।
आम आदमी पार्टी को भी किया याद
जब रामलाल ठाकुर ने बिहार की तर्ज पर विधायकों का वेतन बढ़ाने की बात की तो स्पीकर डॉ. राजीव बिंदल बोले - आम आदमी पार्टी का उदय भी इसी मुद्दे पर हुआ। दिल्ली में क्या किया गया है, उसका विस्तृत ब्योरा मंगवाया जाए। वहां विधायकों को तीन लाख रुपये वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह ठाकुर रामलाल से सहमत हैं। एक सही प्रक्रिया बनाई जाए। इसके लिए स्थायी रूप से नियम बनाए जाएं।