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'यहां गुरु रामधीन दास की संपत्ति हथियाना चाहती हैं राधे मां'

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विवादों में घिरी ग्लैमरस धर्म गुरु राधे मां के एक के बाद एक बड़े कारनामे सामने आ रहे हैं। राधे मां का हिमाचल से भी संबंद्ध रहा है। राधे मां कांगड़ा जिले के हटली क्षेत्र के राम मंदिर में कुछ वर्ष पहले मूर्ति प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आई थीं। उस वक्त राधे मां कथित रूप से मंदिर के संस्थापक गुरु रामधीन दास की शिष्या के रूप में आई थीं।
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लेकिन, विवादों में घिरने के बाद राधे मां हटली स्थित राम मंदिर के महंत श्याम सुंदर के निशाने पर भी आ गई हैं। हिमाचल की कांगड़ा-चंबा सीमा पर द्रमण के साथ लगते हटली क्षेत्र के राम मंदिर के महंत श्याम सुंदर ने राधे मां पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

महंत ने लगाए गंभीर आरोप

महंत श्याम सुंदर ने आरोप लगाया कि राधे मां मंदिर कमेटी के साथ साजिश रचकर उनकी पद्ववी को हथियाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि राधे मां ने उनके गुरु रामधीन दास से दीक्षा ली थी। यह सामान्य दीक्षा थी। वह कभी कभार ही गुरुजी के मंदिर में आती थी। कुछ वर्ष पहले गुरुजी समाधि ले चुके हैं।

अब राधे मां मंदिर कमेटी के साथ मिलकर साजिश रचकर महंत की पद्ववी कब्जाना चाहती हैं। राधे मां इससे गुरु जी की संपत्ति पर कब्जा करना चाहती हैं। श्याम सुंदर ने दावा किया कि वह 27 वर्ष तक गुरु रामधीन दास के शिष्य रहे हैं। गुरुजी ने ही उनको महंत की उपाधि दी थी।

'संपत्ति हथियाने के लिए रच रही साजिश्‍ा'

गुरु की ओर से पद्ववी देने के बाद वह राम मंदिर हटली, कुल्लू के राधेश्याम मंदिर और मुकेरियां के परमहंस मंदिर के महंत हैं। लेकिन, अब राधे मां साजिश रचकर गुरु की संपत्ति हथियाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हटली, कुल्लू के राधेश्याम मंदिर और मुकेरियां के परमहंस मंदिर की स्थापना गुरु रामधीन ने की थी।

श्याम सुंदर ने कहा कि मंदिरों के कर्ताधर्ता वही हैं। उन्होंने करीब 27 साल तक गुरु रामधीन दास की सेवा की है। उसके बाद गुरु रामधीन ने उनको अपना उत्तराधिकारी बनाया। राधे मां गुरु रामदीन दास की सामान्य शिष्या थीं। वह कभी कभार मंदिर आती थीं। हटली में राधे मां मूर्ति प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कुछ वर्ष पहले आई थीं। राधे मां हटली में आज तक सिर्फ एक ही बार आई थीं।

कौन हैं राधे मां

राधे मां का जन्म पंजाब प्रांत के गुरदासपुर जिले में एक सिख परिवार में हुआ था। उनकी शादी पंजाब के ही रहने वाले एक सिख सरदार मोहन सिंह के साथ हुई है। शादी के बाद उनकी मुलाकात एक संत से हुई, जिसके बाद उन्होंने आध्यात्मिक जीवन अपना लिया। उसके बाद वह मुंबई आ गईं और राधे मां के नाम से मशहूर हो गईं।

अश्लीलता फैलाने का मामला दर्ज- मुंबई की एक वकील फाल्गुनी ब्रह्मभट्ट ने राधे मां के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। दरअसल, राधे मां अपने अनुयायियों को बेहद बिंदास अंदाज में आशीर्वाद देने के लिए मशहूर हैं। मुंबई पश्चिम उपनगर के बोरिवली में उनका आलीशान बंगला है। जहां राधे मां का खास किस्म का दरबार लगता है। पूरे मेकअप में सजी-धजी राधे मां आधुनिक, भड़कीले कपड़ों और भारी गहनों से लदी रहती हैं।

वह भक्तों को गले लगाने और उनके साथ डांस करने के लिए मशहूर हैं। वह भक्तों को आशीर्वाद के रूप में गुलाब देती हैं। हाल ही में सोशल साइट पर उनकी तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिन्हें देखकर शायद ही कोई उनके धर्मगुरु होने पर यकीन कर पाएगा। राधे मां के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली वकील फाल्गुनी का कहना है कि वह खुद राधे मां के दरबार में गईं थीं। वहां का जो माहौल देखा वह बेहद अश्लील था। यही देखकर उन्होंने राधे मां के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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'राधे मां ने मेरा जीवन नर्क कर दिया'

राधे मां पर दहेज उत्पीड़न का मामला कांदिवली पुलिस थाने में दर्ज करवाया गया है। निक्की गुप्ता का कहना है कि राधे मां की वजह से उसका जीवन नर्क बन गया था। निक्की के मुताबिक हनीमून से लौटने के बाद राधे मां के कहने पर उसके पति ने ससुराल वालों से पैसे की मांग की। निक्की के मां-बाप ने पैसे देने से मना कर दिया।

उसके बाद उसके सास-ससुर उसे प्रताड़ित करने लगे। निक्की की शादी 30 अप्रैल 2012 में मुंबई के नकुल गुप्ता के साथ हुई थी। नकुल मुंबई (मलाड) के मशहूर एमएम मिठाईवाले के मालिक मनमोहन गुप्ता का भांजा है। कहा जाता है कि मनमोहन गुप्ता ही परिवार का मुखिया है और राधे मां का अंधभक्त है। इसलिए गुप्ता परिवार में कोई भी फैसला राधे मां की इच्छा के अनुरूप ही लिया जाता है।
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