सेब उत्पादक संघ के राज्य अध्यक्ष राकेश सिंघा कहा कि प्रदेश सरकार को बागवानों का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाना चाहिए। यह मामला प्रदेश के लाखों लोगों से जुड़ा है। हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देकर यह ऑर्डर निरस्त हो सकते हैं।
सिंघा ने प्रेसवार्ता में कहा कि अगर सरकार इस मामले को नहीं उठाती है तो सेब उत्पादक और किसान सभा के सदस्य सितंबर से देहात बंद करने पहुंचेंगे। देहात बंद यानी ग्रामीण क्षेत्रों में न बाजार खुलने दिए जाएंगे और न ही यातायात चलने दिए जाएगा।
कहा कि कांग्रेस सरकार सेब के पेड़ों के कटान पर प्रतिबंध लगाने के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। बागवानों के सेब से लदे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई। इससे बागवानों को लाखों का नुकसान हुआ है। प्रदेश में किसानों ने अवैध कब्जे अपनी मर्जी ने नहीं किए, बल्कि पूर्व भाजपा सरकार ने उनको कब्जे के लिए उकसाया। भाजपा ने लैंड रेवन्यू एक्ट में रूल निर्धारित किए।
कहा कि वे ऐसे लोगों के पक्ष में नहीं हैं, जो गांव से निकलकर कब्जा करने जंगल निकल गए। उन्होंने ऐसे लोगों पर कार्रवाई होने की बात कही। सरकार से मांग की है कि जिनके पास थोड़ी जमीन है और उन्होंने थोड़ा कब्जा किया है, जिनका इससे जीवन व्यतीत हो रहा है, ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।