हिमाचल में नूरपुर के पूर्व विधायक राकेश पठानिया ने अपरोक्ष रूप से नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के बेटे बीसीसीआई सचिव एवं एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर पर निशाना साधा है। धर्मशाला में प्रेस वार्ता करते हुए पठानिया ने भारत पाक मैच पर सवाल उठाए।
कहा कि बीसीसीआई के सचिव और एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने धर्मशाला स्टेडियम की लोकप्रियता को बढ़ावा देने को सीधे तौर पर हिमाचल में ही भारत-पाकिस्तान के बीच मैच करवाने का फैसला लिया। अगर बात देश हित की हो तो वह सीधे तौर पर इस मैच का विरोध करेंगे।
बीसीसीआई इस मैच को रद्द करवाए। पठानिया ने अनुराग ठाकुर को याद करवाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश के युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाल कर श्रीनगर में झंडा फहराने का कार्य किया था। ऐसे में उन्हीं के प्रदेश में पाकिस्तान का मैच क्यों आयोजित हो रहा है, यह बड़ा प्रश्न है।
शहीदों के परिवारों से मजाक
बीसीसीआई का भारत-पाकिस्तान मैच करवाना सीधे तौर पर शहीद परिवारों के साथ मजाक है। ऐसे हालातों में पाकिस्तान टीम का देवभूमि में आने पर हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। पठानिया ने कहा कि एचपीसीए पाकिस्तान के साथ धर्मशाला में मैच करवा कर राष्ट्रद्रोह का कार्य कर रहा है।
उन्होंने एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा के ब्यान की कड़े शब्दों में निंदा की, जिसमें संजय शर्मा ने मैच शुल्क का कुछ हिस्सा शहीदों के परिजनों को देने की बात कही थी। पूर्व भाजपा विधायक ने साफ किया कि अगर मैच रद्द नहीं किया गया तो वह किसी भी हद तक गुजर जाएंगे।
वह राजनीति से प्रेरित न होकर देशभक्ति की भावना से यह कदम उठाएंगे। बीसीसीआई भारत-पाक मैच को मुंबई, पंजाब, दिल्ली या अन्य राज्यों में करवाए।
धर्मशाला में होना चाहिए भारत-पाक मैच : विप्लव
वहीं, सीयू पर सीएम को घेरने वाली कांग्रेस की राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर ने वीरभद्र सिंह की राय के विपरीत धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान का मैच करवाए जाने का समर्थन किया है। देहरा में विप्लव ने कहा कि खेलों में राजनीति नहीं करनी चाहिए।
आतंकवाद पर पाकिस्तान को जवाब दूसरे तरीकों से दिया जा सकता है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि क्रिकेट मैच के स्थान का फैसला आईसीसी स्तर पर तय होता है। भारत-पाक क्रिकेट मैच का विरोध करके किसी को सबक नहीं सिखाया जा सकता।
विरोध करना ही है तो मात्र क्रिकेट मैचों का न हों बल्कि पाकिस्तान से सारे रिश्ते खत्म करने को लेकर हो। कुछ दिन पहले सीएम वीरभद्र सिंह की ओर से मौकापरस्त कहने के बयान पर विप्लव ने कहा कि जब से सीयू को जिला कांगड़ा में खोलने की घोषणा हुई थी, वह उसी समय से सीयू को देहरा में खोलने का समर्थन करती रही हैं।
इस मसले पर वह और जसवां के पूर्व विधायक निखिल राजौर मनु तत्कालीन एचआरडी सचिव सुनील कुमार से मिले थे। उन्होंने देहरा का पक्ष मजबूती से रखा था। इस सारे मामले में मेरी बेटी कहां आती है?
यह मुद्दा देहरा की प्रगति और उन्नति से संबंध रखता है। कोई व्यक्ति इस मसले को कैसे लेता है यह उस पर निर्भर करता है। जेएनयू प्रकरण पर सांसद विप्लव ठाकुर ने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।