भाजपा मुख्य प्रवक्ता राजीव बिंदल ने कहा कि कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इतने आरोप लगने के बाद उन्हें प्रदेश के सर्वोच्च पद पर बैठने का अधिकार नहीं है। बिंदल ने प्रेसवार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार के मामलों में चार्जशीट किया गया है। अब न्यायालय का फैसला भी आ गया है।
आखिर केंद्रीय नेतृत्व की ऐसी कौन सी कमजोरी है, जो असहज बनाकर निर्णय लेने से रोक रही है। अब जनता ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से पद छुड़वाएगी। भाजपा भोरंज उपचुनाव के बाद अगली रणनीति तैयार करेगी। कहा कि राज्य सरकार वेंटिलेटर पर है। देश के नामी वकीलों के माध्यम से सरकार को ऑक्सीजन दी जा रही है।
सीएम अपनी गद्दी बचाने में लगे हैं। इस कार्य में पूरी सरकार झोंकी गई है। कहा कि ऐसा देश के किसी भी राज्य में नहीं हुआ कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद उस राज्य का सीएम गद्दी पर रहा हो। वीरभद्र सिंह की नजर में केवल वे ही सही हैं। सीबीआई, ईडी, आईटी विभाग और हाईकोर्ट सभी गलत हैं।
कहा कि सरकार का एक गुट जो निगम-बोर्डों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का है, उन्हें बीजेपी के खिलाफ बोलने के लिए रखा गया है। पार्टी का दूसरा गुट इस जुगाड़ में लगा है कि कब कुर्सी खाली हो और उन्हें मिले। कांग्रेस में इस कद्र हताशा है कि वे अब भाजपाइयों के घरों के बाहर धरना देने लगे हैं।