हिमाचल के छोटे से जिले सिरमौर से ताल्लुक रखने वाले युवा राजेश ने कामयाबी की बड़ी इबारत लिखी है। पूर्व रणजी खिलाड़ी जिम्बावे की नेशनल क्रिकेट टीम के लिए बतौर फिटनेस ट्रेनर काम कर रहे हैं। पुरुष के अलावा महिला टीम के साथ भी जुड़े हुए हैं। सिरमौर के अति दुर्गम क्षेत्र शिलाई के रहने वाले राजेश चौहान का सफर बतौर क्रिकेट शुरू हुआ है। आठ नवंबर 1987 को जन्मे राजेश ने रणजी में हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया।
चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह से फिटनेस के गुर सीखे। वर्ष 2011 में एचपीसीए की तरफ से बीसीसीआई की लेबल-ओ कोर्स किया। वर्ष 2012 में दुबई चले गए। दुबई की नेशनल अकादमी ऑफ स्पोर्ट्स से लेबल- 2 का कोर्स भी कर लिया। इसके बाद यूएई की अंडर-19 क्रिकेट टीम के साथ जुड़े। इसी दौरान जिम्बावे के कोच डेव व्हाटमोर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें टीम के साथ जोड़ लिया।