भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह और महामंत्री डा. राजीव बिन्दल ने कांग्रेस नेताओं द्वारा प्राकृतिक आपदा के राजनीतिकरण के ब्यानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदा के बाद हालातों से निपटने पर नाकाम साबित हुई है।
अपनी इस नाकामी से लोगों का ध्यान बंटाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय हारे व नकारे नेताओं के अनर्गल बयानों का सहारा ले रहा है, जोकि गलत परंपरा की शुरूआत है। भाजपा नेताओं ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार प्रदेश में हुई प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बिल्कुल गंभीर नहीं है।
इसका प्रत्यक्ष उदाहरण 14 अगस्त को भारी वारिस के पश्चात जिला मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा के प्रागपुर मण्डल में भारी तबाही के बावजूद कोई कदम न उठाना है। सरकार का रवैया इस कदर गैर जिम्मेदाराना था कि 14-15 अगस्त को हुई भारी बारिश से हुए नुकसान के बावजूद आपदा प्रबंधन की प्रदेश स्तरीय बैठक 19 अगस्त को बुलाई गई।
इस दौरान कांग्रेसी नेता दिल्ली में बैठकर अपने नेता की सरकार को बचाने के जुगाड़ में लगे रहे। संकट की इस घड़ी में भाजपा नेता आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के घावों पर मरहम लगाने के लिए पहुंचे तो कांग्रेसी नेताओं को इसमें भी राजनीति नजर आ रही है। अगर वह जनता के सच्चे हितेशी होते तो वह कमरों में बैठकर ब्यान जारी करने के बजाए प्रभावित लोगों के दु:खों को दूर करने का प्रयास कर रहे होते।