17 सितंबर को प्रदेशभर में लोग सेवा और विकसित भारत-2047 के संकल्प का दीपक जलाएंगे। इसी दिन भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। अगस्त में भाजपा ने 121 स्थानों पर स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन किए थे। इनमें टूटी सड़कों और विकास कार्यों की तालाबंदी जैसे मुद्दे प्रमुख थे। डॉ. बिंदल ने घोषणा करते हुए कहा कि सितंबर में भाजपा 170 स्थानों पर स्थानीय मुद्दों को लेकर जन आंदोलन करेगी। इसके साथ 17 जिला स्तरीय प्रदर्शन महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले महिलाओं, युवाओं और बेरोजगारों को बड़े-बड़े सपने दिखाए, लेकिन सत्ता में आने के बाद गारंटियां पूरी करने में विफल रही। बिंदल ने 16वें वित्त आयोग की राशि के 50 फीसदी विभागों को देने के निर्देश को पंचायतों के अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने कहा, भाजपा इसका कड़ा विरोध करती है और पंचायतों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। बिंदल ने लॉटरी व्यवस्था को परिवारों के भविष्य के लिए खतरा बताते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार को राजस्व के लिए स्थायी साधनों पर काम करना चाहिए। बिंदल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हिमाचल को मिली विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 15 हजार किलोमीटर सड़कें बनी हैं। आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से लाखों परिवारों को लाभ मिला है। एम्स बिलासपुर और आईआईएम जैसी संस्थाएं भी केंद्र सरकार की सहायता से मिली हैं। बैठकों में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़, नेता विपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी संजय टंडन, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर, सुरेश भारद्वाज, सतपाल सत्ती, सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, वरिष्ठ नेता सुरेश चंदेल, शिशु धर्मा और पायल वैद्य सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।