पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत ने कहा कि सत्ता में आने के तीन दिन के भीतर राजस्थान सरकार की तरह पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाएगा, कर्मचारियों के लंबित मसले हल होंगे।
पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत ने समर्थकों और कर्मचारियों के साथ उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर धरना दिया। उन्होंने कहा कि ओपीएस को लागू करने के लिए फतेहपुर में धरना दे रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा फ्रेंडली मैच खेल रही है। इस बार प्रदेश की जनता और कर्मचारी कांग्रेस-भाजपा को नकार कर तीसरे गठबंधन को दिल्ली की तर्ज पर सत्ता में लाएगी।
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सत्ता में आने के तीन दिन के भीतर राजस्थान सरकार की तरह पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाएगा, कर्मचारियों के लंबित मसले हल होंगे। उन्होंने पांच अगस्त 2020 से सांसद, विधायक की पेंशन लेना बंद कर दी है। कर्मचारियों ने हर विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मांग को उठाया, बावजूद सरकार ने मांग नहीं मानी है। मुख्यमंत्री तीन बार फतेहपुर आ चुके हैं। सीएम ने एक बार भी धरने पर पहुंचकर मांग सुनने की जहमत नहीं उठाई।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि चार माह बाद आपका हेलिकॉप्टर छूट जाएगा। कर्मचारियों ने 30 हजार की संख्या में तपोवन में एकत्र होकर इस मांग को उठाया, मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद कोई कमेटी नहीं बनी। कर्मचारियों ने जब मंडी से हजारों की संख्या में एकत्र होकर शिमला के लिए पदयात्रा निकालने की धमकी दी, तो उन्हें नौकरी से निकालने की बात कही गई।